China-Taiwan Conflict: मिडिल-ईस्ट में अमेरिका-ईरान तनाव के बीच अब एशिया में भी बड़े टकराव की आशंका बढ़ने लगी है। ताइवान के आसपास चीन की बढ़ती सैन्य गतिविधियों ने पूरे इलाके की चिंता बढ़ा दी है। ताइवान के रक्षा मंत्रालय के मुताबिक, चीन के 9 सैन्य विमान और 7 नेवी जहाज उसके आसपास के इलाके में देखे गए। जो सीधा ताइवान स्ट्रेट की मीडियन लाइन पार कर ताइवान के एयर डिफेंस आइडेंटिफिकेशन जोन में घुस गए।

चीन की इस आक्रामक गतिविधि को ताइवान पर दबाव बनाने की रणनीति माना जा रहा है। पिछले कुछ समय से बीजिंग लगातार ताइवान के आसपास अपनी ताकत दिखा रहा है, जिससे इलाके में तनाव बढ़ता जा रहा है। वहीं ताइवान भी अलर्ट मोड पर है और हर गतिविधि पर नजर बनाए हुए है। ऐसे माहौल में सवाल उठने लगे हैं कि क्या दुनिया एक और बड़े युद्ध की ओर बढ़ रही है?
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ताइवान को अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप से मदद की थी उम्मीद
हाल में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप चीन के दौरे पर आए थे। तब ताइवान को उम्मीद थी की वह उसकी आजादी के लिए चीन से बातचीत करेंगे और पूरा मसला हल कर देंगे। लेकिन हुआ इसके उलट… ट्रंप अमेरिका पहुंचते ही बोले कि वह चीन और ताइवान के लिए शांति चाहते हैं, न कि कोई युद्ध। उन्होंने ये भी कहा कि यदि वह इसमें आते हैं तो इसके लिए उन्हें 9500 किमी का सफर करना होगा।
उनके मुताबिक, चीन लंबे समय से ताइवान को अपना हिस्सा मानता है, जबकि ताइवान खुद को स्वतंत्र देश मानता है। ये उन दोनों देशों का मसला है और उसे शांति से हल कर लेना चाहिए, न कि किसी बड़े युद्ध की तरफ आगे बढ़ना चाहिए।


