शाजापुर जिले के ग्राम मण्डोदा में पिछले दो वर्षों से अवैध खनन हो रहा है। शुक्रवार दोपहर बड़ी संख्या में कलेक्ट्रेट पहुंचे ग्रामीणों ने एसडीएम मनीषा वास्कले को ज्ञापन देकर दबंगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। ग्रामीणों का आरोप है कि आबादी क्षेत्र के तालाब और उसकी पाल को जेसीबी मशीनों से खोदा जा रहा है, जिससे न केवल पर्यावरण को नुकसान पहुंच रहा है, बल्कि पूरी बस्ती के स्वास्थ्य पर भी संकट खड़ा हो गया है। 500 लोगों की बस्ती पर मंडराया संकट ज्ञापन में उल्लेख किया गया कि तालाब के समीप करीब 500 से 600 लोगों की बस्ती स्थित है। अवैध उत्खनन के कारण उड़ने वाली धूल सीधे घरों में पहुंच रही है, जिससे बुजुर्गों और बच्चों को सांस लेने में तकलीफ हो रही है। ग्रामीणों ने बताया कि खनन के कारण तालाब के चारों ओर गहरे और जानलेवा गड्ढे बन गए हैं। पूर्व में इन्हीं में से एक गड्ढे में डूबने के कारण एक मासूम बालक की जान भी जा चुकी है। विरोध करने पर जान से मारने की कोशिश ग्रामीणों ने प्रशासन को बताया कि 28 मई को जब उन्होंने एकजुट होकर अवैध उत्खनन रोकने का प्रयास किया, तो आरोपियों ने उन पर जेसीबी और ट्रैक्टर चढ़ाने की कोशिश की। दबंगों की इस हरकत से डरे ग्रामीण जान बचाकर वहां से भागे। ग्रामीणों का दावा है कि उन्होंने कई बार ‘डायल 100’ पर शिकायत दर्ज कराई, लेकिन स्थानीय स्तर पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने से खनन माफियाओं के हौसले बुलंद हैं। तस्वीरें और सीडी लेकर पहुंचे कलेक्ट्रेट अवैध खनन के पुख्ता प्रमाण के रूप में ग्रामीणों ने प्रशासन को मौके की तस्वीरें और एक सीडी भी सौंपी है। उन्होंने मांग की है कि प्रशासन तत्काल मौके पर दबिश देकर उत्खनन में प्रयुक्त मशीनों को जब्त करे और दोषियों पर आपराधिक प्रकरण दर्ज करे। इसके बाद एसडीएम मनीषा वास्कले ने मामले की गंभीरता को देखते हुए संबंधित विभाग को जांच और त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।


