नालंदा में सरकारी अनाज की कालाबाजारी का आरोप:सहायक प्रबंधक और ट्रांसपोर्ट एजेंट से मांगा स्पष्टीकरण; सख्त कार्रवाई की जाएगी

नालंदा में सरकारी अनाज की कालाबाजारी का आरोप:सहायक प्रबंधक और ट्रांसपोर्ट एजेंट से मांगा स्पष्टीकरण; सख्त कार्रवाई की जाएगी

नालंदा में राज्य खाद्य निगम जिला कार्यालय ने सिलाव टीपीडीएस गोदाम में सरकारी खाद्यान्न की कालाबाजारी की एक बड़ी साजिश का खुलासा किया है। जिला प्रबंधक की जारी आदेश के अनुसार, सिलाव की सहायक प्रबंधक ब्यूटी कुमारी और ट्रांसपोर्ट एजेंट(परिवहन अभिकर्ता) शिवानी कुमारी पर मध्याह्न भोजन योजना के चावल की हेराफेरी की मंशा रखने का गंभीर आरोप लगा है। यह पूरा मामला तब प्रकाश में आया जब राजगीर अनुमंडलीय अनुश्रवण समिति के व्हाट्सएप ग्रुप में एक वीडियो वायरल हुआ। इस वीडियो में सिलाव गोदाम पर तैनात मजदूरों ने खुलासा किया कि उनसे अनाज की कोई लोडिंग नहीं कराई गई है और न ही गोदाम से खाद्यान्न बाहर भेजा गया है। चौंकाने वाली बात यह रही कि गोदाम के डाटा एंट्री ऑपरेटर अजीत कुमार ने भी वीडियो में बयान दिया कि उन्होंने ऑनलाइन पोर्टल पर कोई एंट्री नहीं की है, बल्कि सहायक प्रबंधक ने खुद इसे अंजाम दिया है। जांच में हुआ खुलासा मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रबंधक ने ऑनलाइन ट्रैकिंग सिस्टम की जांच की। जिसमें सामने आया कि 29 अप्रैल 2026 को सुबह 11:22 बजे वाहन संख्या BR01G-5084 के नाम पर 200 बोरा यानी 100 क्विंटल अनाज का ऑनलाइन चालान काट दिया गया था। इसके बावजूद जीपीएस और लोडसेल युक्त वाहन खाली ही फाउंडेशन के पास पहुंच गया। उसी दिन शाम 4:00 बजे जब अधिकारी निरीक्षण के लिए गोदाम पहुंचे, तो सहायक प्रबंधक ने अपनी गलती छिपाते हुए इसे ‘भूलवश’ हुई एंट्री बताया। 24 घंटे के अंदर मांगा स्पष्टीकरण विभाग ने इसे सरकारी अनुदानित अनाज की कालाबाजारी की स्पष्ट मंशा माना है। जिला प्रबंधक ने दोनों आरोपियों को 24 घंटे के अंदर स्पष्टीकरण देने का सख्त निर्देश जारी किया है। जवाब संतोषजनक न होने की स्थिति में जिला पदाधिकारी, नालंदा और निगम मुख्यालय पटना को कड़ी कानूनी कार्रवाई और प्राथमिकी दर्ज करने की अनुशंसा भेजी जाएगी। नालंदा में राज्य खाद्य निगम जिला कार्यालय ने सिलाव टीपीडीएस गोदाम में सरकारी खाद्यान्न की कालाबाजारी की एक बड़ी साजिश का खुलासा किया है। जिला प्रबंधक की जारी आदेश के अनुसार, सिलाव की सहायक प्रबंधक ब्यूटी कुमारी और ट्रांसपोर्ट एजेंट(परिवहन अभिकर्ता) शिवानी कुमारी पर मध्याह्न भोजन योजना के चावल की हेराफेरी की मंशा रखने का गंभीर आरोप लगा है। यह पूरा मामला तब प्रकाश में आया जब राजगीर अनुमंडलीय अनुश्रवण समिति के व्हाट्सएप ग्रुप में एक वीडियो वायरल हुआ। इस वीडियो में सिलाव गोदाम पर तैनात मजदूरों ने खुलासा किया कि उनसे अनाज की कोई लोडिंग नहीं कराई गई है और न ही गोदाम से खाद्यान्न बाहर भेजा गया है। चौंकाने वाली बात यह रही कि गोदाम के डाटा एंट्री ऑपरेटर अजीत कुमार ने भी वीडियो में बयान दिया कि उन्होंने ऑनलाइन पोर्टल पर कोई एंट्री नहीं की है, बल्कि सहायक प्रबंधक ने खुद इसे अंजाम दिया है। जांच में हुआ खुलासा मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रबंधक ने ऑनलाइन ट्रैकिंग सिस्टम की जांच की। जिसमें सामने आया कि 29 अप्रैल 2026 को सुबह 11:22 बजे वाहन संख्या BR01G-5084 के नाम पर 200 बोरा यानी 100 क्विंटल अनाज का ऑनलाइन चालान काट दिया गया था। इसके बावजूद जीपीएस और लोडसेल युक्त वाहन खाली ही फाउंडेशन के पास पहुंच गया। उसी दिन शाम 4:00 बजे जब अधिकारी निरीक्षण के लिए गोदाम पहुंचे, तो सहायक प्रबंधक ने अपनी गलती छिपाते हुए इसे ‘भूलवश’ हुई एंट्री बताया। 24 घंटे के अंदर मांगा स्पष्टीकरण विभाग ने इसे सरकारी अनुदानित अनाज की कालाबाजारी की स्पष्ट मंशा माना है। जिला प्रबंधक ने दोनों आरोपियों को 24 घंटे के अंदर स्पष्टीकरण देने का सख्त निर्देश जारी किया है। जवाब संतोषजनक न होने की स्थिति में जिला पदाधिकारी, नालंदा और निगम मुख्यालय पटना को कड़ी कानूनी कार्रवाई और प्राथमिकी दर्ज करने की अनुशंसा भेजी जाएगी।  

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