Aliganj Fire Case: Allahabad High Court ने आरोपी किरायेदार को दी जमानत

Aliganj Fire Case: Allahabad High Court ने आरोपी किरायेदार को दी जमानत

लखनऊ, नौ सितंबर इलाहाबाद उच्च न्यायालय की लखनऊ पीठ ने 22 जून, 2024 को अलीगंज अग्निकांड में 15 लोगों की मौत के मामले में आरोपी किरायेदार को जमानत दे दी। अदालत ने कहा कि प्रथम दृष्टया इमारत के मालिक ने अग्नि सुरक्षा मानकों का पालन नहीं किया था और आपात स्थिति से निपटने के लिए जरूरी इंतजाम नहीं किए थे। न्यायमूर्ति मनीष कुमार ने सुरेश कुमार साहू को जमानत दे दी और कहा कि वह इमारत का मालिक नहीं था बल्कि तीसरी मंजिल पर रहने वाला किरायेदार था और आग लगने के समय परिसर में मौजूद नहीं था।

अदालत ने यह भी कहा कि घटना के दिन किराए के परिसर में ताला लगा हुआ था और प्रथम दृष्टया इमारत से बाहर निकलने का केवल एक ही रास्ता था। साहू पर आरोप था कि उसने अपने किराये के हिस्से के बाहर लगे चैनल गेट पर ताला लगा दिया था। आरोप था कि अगर यह गेट खुला होता तो कुछ और लोगों की जान बचाई जा सकती थी।

हालांकि, अदालत ने कहा कि साहू को यह अनुमान नहीं था कि इमारत में आग लग जाएगी और उसके किराए के परिसर के दरवाजे को बंद करने से जानमाल का नुकसान हो सकता है। रिकॉर्ड पर रखी गई तस्वीरों का हवाला देते हुए अदालत ने कहा कि तीसरी मंजिल से छत तक जाने के लिए बाहर से कोई सीढ़ी नहीं थी। अदालत ने कहा कि साहू ने छत तक पहुंचने के लिए अपने किराए के हिस्से से एक लकड़ी की सीढ़ी लगाई थी, तीसरी मंजिल पर मकान मालिक द्वारा बनाई गई दीवार ने एक गतिरोध पैदा कर दिया था और छत तक पहुंचने के लिए कोई आम रास्ता उपलब्ध नहीं कराया गया था।

अदालत ने इस तथ्य पर भी गौर किया कि साहू का कोई आपराधिक इतिहास नहीं था और वह 23 जून, 2026 से हिरासत में था। इन परिस्थितियों को देखते हुए अदालत ने उनकी जमानत अर्जी मंजूर कर ली। लखनऊ के अलीगंज इलाके में 22 जून, 2024 को एक इमारत में आग लगने से 15 लोगों की मौत हो गई थी।

बताया जाता है कि आग लगने से इमारत के अंदर कई लोग फंस गए। जांच के दौरान पर्याप्त निकास मार्गों और अग्नि-सुरक्षा व्यवस्था की कमी प्रमुख मुद्दों के रूप में उभर कर सामने आई।

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