नागोया, चार अक्टूबर दो सप्ताह से अधिक समय तक चली रोमांचक खेल प्रतिस्पर्धाओं के बाद आइची-नागोया एशियाई खेल रविवार को यहां भव्य समापन समारोह के साथ खत्म हुए। एशियाई ओलंपिक परिषद (ओसीए) के अध्यक्ष शेख जुआन बिन हमद अल थानी ने 19 सितंबर को शुरू हुए इन खेलों के समापन की औपचारिक घोषणा की। वर्ष 2030 में होने वाले एशियाई खेलों की मेजबानी दोहा करेगा।समापन समारोह के दौरान खेलों की मशाल कतर के प्रतिनिधियों को सौंप दी गई। समापन समारोह में हजारों खिलाड़ी, अधिकारी और दर्शक शामिल हुए। ‘वन एशिया’ थीम पर आधारित समारोह में भारत की ओर से दो स्वर्ण और एक रजत पदक जीतने वाली निशानेबाज नीरू धांडा ने भारतीय दल की ध्वजवाहक की भूमिका निभाई।भारत ने आइची-नागोया एशियाई खेलों का अभियान 85 पदकों के साथ समाप्त किया। इनमें 21 स्वर्ण, 27 रजत और 37 कांस्य पदक शामिल हैं। पदक तालिका में भारत चौथे स्थान पर रहा जबकि चीन, जापान और कोरिया उससे आगे रहे।
नागोया, चार अक्टूबर दो सप्ताह से अधिक समय तक चली रोमांचक खेल प्रतिस्पर्धाओं के बाद आइची-नागोया एशियाई खेल रविवार को यहां भव्य समापन समारोह के साथ खत्म हुए। एशियाई ओलंपिक परिषद (ओसीए) के अध्यक्ष शेख जुआन बिन हमद अल थानी ने 19 सितंबर को शुरू हुए इन खेलों के समापन की औपचारिक घोषणा की। वर्ष 2030 में होने वाले एशियाई खेलों की मेजबानी दोहा करेगा।
समापन समारोह के दौरान खेलों की मशाल कतर के प्रतिनिधियों को सौंप दी गई। समापन समारोह में हजारों खिलाड़ी, अधिकारी और दर्शक शामिल हुए। ‘वन एशिया’ थीम पर आधारित समारोह में भारत की ओर से दो स्वर्ण और एक रजत पदक जीतने वाली निशानेबाज नीरू धांडा ने भारतीय दल की ध्वजवाहक की भूमिका निभाई।
भारत ने आइची-नागोया एशियाई खेलों का अभियान 85 पदकों के साथ समाप्त किया। इनमें 21 स्वर्ण, 27 रजत और 37 कांस्य पदक शामिल हैं। पदक तालिका में भारत चौथे स्थान पर रहा जबकि चीन, जापान और कोरिया उससे आगे रहे।
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