AI बन रहा ‘जॉब किलर’, Meta ने 8,000 कर्मचारियों को निकाला, 80+ कंपनियों में Layoff का कहर

AI बन रहा ‘जॉब किलर’, Meta ने 8,000 कर्मचारियों को निकाला, 80+ कंपनियों में Layoff का कहर

Meta employees layoffs: दुनियाभर की कंपनियों में एआई का प्रभाव अब दिखने लगा है। टेक सेक्टर में छंटनी का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा और दिग्गज टेक कंपनियां अपने लोगों को लगातार कंपनी से निकाल रही हैं। हाल ही में मेटा कंपनी से आई 8,000 कर्मचारियों के लेऑफ की खबर की पुष्टी हो चुकी है। मेटा से पहले स्नैपचैट ने अपने 1,000 कर्मचारियों को नौकरी से निकालने की घोषणा कर दी थी। लगातार हो रहे इस लेऑफ के पीछे सबसे बड़ा कारण AI पर तेजी से हो रहे निवेश और कंपनियों का अपनी workforce को कम करना है। कंपनियों के इस कदम से लाखों कर्मचारियों पर असर पड़ने की आशंका है।

Meta में बड़ी छंटनी का प्लान

ब्लूमबर्ग की एक रिपोर्ट के मुताबिक मेटा ने 23 अप्रैल को कर्मचारियों के भेजे गए एक मेमो में छंटनी का खुलासा किया है। इस मेमो के मुताबिक इस लेऑफ को 20 मई से लागू किया जाएगा। इसके साथ ही कंपनी ने 6,000 खाली पदों के लिए होने वाली नई भर्ती को भी रद्द कर दिया है।

कंपनी की HR प्रमुख जेनेल गेल (Janelle Gale) ने कर्मचारियों को भेजे गए मेमो में कहा कि यह कदम कंपनी को अधिक efficient बनाने और AI में हो रहे भारी निवेश को बैलेंस करने के लिए जरूरी है। हालांकि, उन्होंने माना कि यह फैसला आसान नहीं है।

मेटा के CEO Mark Zuckerberg AI को भविष्य की ग्रोथ के लिए जरूरी मान रहे हैं। इससे पहले मार्च में यह खबरें आई थी कि कंपनी इस साल अपने वर्कफोर्स के 20 फीसदी कर्मचारियों की छंटनी करेगी।

अन्य बड़ी कंपनियों का हाल क्या है?

AI के प्रभाव और उसमें हो रहे भारी निवेश के चलते लेऑफ की इस रेस में मेटा के अलावा कई दिग्गज कंपनियां और भी है। मेटा से पहले 15 अप्रैल को स्नैपचैट (Snapchat) ने अपने 1,000 कर्मचारियों की छंटनी की घोषणा की थी। यह छंटनी कंपनी के कुल वर्कफोर्स की 16 फीसदी है। कंपनी ने बताया कि AI tools की मदद से अब कम लोगों के साथ ज्यादा काम संभव है। अब 65 फीसदी नया कोड एआई से बन रहा है। इसी कारण कंपनी अपने workforce को छोटा कर रही है।

इसके साथ ही जैक डोर्सी के नेतृत्व वाली कंपनी Block ने घोषणा की थी कि वह अपनी वर्कफोर्स में 40 प्रतिशत की कटौती कर रही है, क्योंकि वह AI टूल्स की ओर बढ़ रही है।

अप्रैल महीने की शुरुआत में, खबरों में बताया गया था कि Oracle भारत में लगभग 11,000-12,000 नौकरियां कम करने की योजना बना रहा है।

ये आंकड़ें चौंकाने वाले हैं

टेक इंडस्ट्री में यह trend तेजी से बढ़ रहा है, जहां कंपनियां लागत कम करने और efficiency बढ़ाने के लिए AI को अपना रही हैं। Layoffs.fyi नाम के एक लेऑफ ट्रैकर के डेटा के मुताबिक, इस साल 80 से ज्यादा टेक कंपनियों ने लगभग 71,440 नौकरियों में कटौती की घोषणा की है। AI की तेजी से बढ़ती ताकत ने टेक सेक्टर का चेहरा बदल दिया है। जहां कंपनियां efficiency और profit पर फोकस कर रही हैं, वहीं कर्मचारियों के लिए यह बदलाव चिंता का कारण बनता जा रहा है।

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