Ahmedabad. शहर में इन दिनों गर्मी अपने चरम पर है। ऐसे में शहर के कमला नेहरू कांकरिया प्राणी संग्रहालय के पशु -पक्षियों को भीषण गर्मी और हीटवेव से बचाने के लिए एयर कूलर लगाए गए हैं। साथ ही पिंजरों पर ग्रीन नेट भी लगाई गई है और दोपहर में पानी का छिड़काव किया जा रहा है। मनपा संचालित कांकरिया जू में 2190 जानवर, पक्षी और सरीसृप हैं। नॉक्टर्नल ज़ू में ईटीएचई सिस्टम की सुविधा उपलब्ध कराई गई है, जिससे बाहर के तापमान की तुलना में अंदर का तापमान वन्यजीवों के लिए अनुकूल बना रहता है। जानवरों और पक्षियों को डिहाइड्रेशन से बचाने तथा उनके शरीर का तापमान संतुलित बनाए रखने और उन्हें तेज धूप से बचाने हेतु शेल्टर उपलब्ध कराए गए हैं।
पिंजरों के बाहर लगाए 40 बड़े कूलर
हाथी, बाघ, शेर और तेंदुए जैसे जानवरों सहित पक्षियों और सरीसृपों को ठंडक को लेकर पिंजरों के पास 38 से 40 एयर कूलर लगाए गए हैं। नॉक्टर्नल ज़ू में जियो-थर्मल एरेशन की विशेष व्यवस्था की गई है। सामान्यतः गर्मियों में विदेशी जानवरों और पक्षियों पर अधिक प्रभाव पड़ता है, इसलिए वेटरनरी टीम द्वारा नियमित वैक्सीनेशन, डी-वॉर्मिंग, मेडिकल चेकअप किया जा रहा है। हाल ही में प्राणी संग्रहालय में बाघ, तेंदुए और काले हिरण लाए गए हैं।
दोपहर में पानी का छिड़काव
मनपा संचालित कांकरिया जू के अधीक्षक डॉ. शर्व शाह ने कहा कि भीषण गर्मी के चलते हिप्पो, मगरमच्छ, बाघ के हौज को रोज साफ किया जा रहा है। उनमें नया पानी भरा जा रहा है। हाथी के पिंजरे के बाहर बड़ा कूलर लगाया है। पिंजरों के ऊपर भी ग्रीन नेट लगाई है जिससे वे सीधे धूप से बचें। जानवरों को तरबूच, गन्ना, ककड़ी और खरबूजे खिलाए जा रहे हैं। पीने के पानी में ग्लूकोज या ओआरएस मिलाया जा रहा है।
गर्मियों में पहुंचते हैं ढाई से तीन लाख पर्यटक
शाह ने बताया कि गर्मियों की छुट्टियों में बड़ी संख्या में पर्यटक कांकरिया प्राणी संग्रहालय पहुंचते हैं। पर्यटकों के लिए शीतल पेय के लिए की व्यवस्था की है। उनके रास्तों पर भी ग्रीन नेट लगाई है। औसतन ढाई से तीन लाख पर्यटक गर्मी की छुट्टियों में जू में आते हैं। बीते पांच सालों में संग्रहालय में 77.72 लाख पर्यटक पहुंचे थे। उर्मिशा पटेल ने कहा कि यहां ग्रीन नेट लगाई गई है। काजल सोमपुरा ने कहा कि हम परिवार के साथ यहां घूमने आए हैं। बाहर गर्मी ज्यादा है,लेकिन अंदर हरियाली के चलते गर्मी कम लग रही है। पानी का छिड़काव किया जा रहा है।—


