Ahmedabad. शहर में होने वाले गंभीर अपराधों की रोकथाम और उन पर त्वरित तथा प्रभारी कार्रवाई करने के लिए शहर क्राइम ब्रांच की दो नई यूनिट कार्यरत की गई हैं। इतना ही नहीं दो और नई यूनिट भी जल्द ही कार्यरत की जाएंगी।
शहर पुलिस आयुक्त अनुपम सिंह गहलोत ने शहर की बढ़ती आबादी, आवासों, दायरे और औद्योगिक व व्यापारिक प्रवृत्तियों को देखते हुए शहर में अलग-अलग क्षेत्रों में क्राइम ब्रांच की चार नई यूनिट शुरू करने का निर्णय किया है। इसमें से दो यूनिट 25 सितंबर से शुरू भी कर दी हैं। इनमें यूनिट एक (दक्षिण यूनिट) को वटवा गाम पुलिस चौकी में कार्यरत किया गया है, जबकि यूनिट दो (पूर्व यूनिट) को ओढव की सिंगरवा चौकी में शुरू किया गया है।
यूनिट-1 वटवा, ईसनपुर, नारोल, वटवा जीआइडीसी, रामोल तथा खोखरा क्षेत्र में सक्रिय रहेगी। यूनिट-2 का कार्यक्षेत्र ओढव, निकोल, नरोडा, कृष्णनगर, सरदारनगर, बापूनगर, रखियाल, अमराईवाड़ी तथा गोमतीपुर रहेगा।
चांदखेड़ा में यूनिट -3, बोडकदेव में यूनिट 4 जल्द
पुलिस आयुक्त कार्यालय के तहत चांदखेड़ा में क्राइम ब्रांच की यूनिट तन और बोडकदेव में यूनिट चार को जल्द ही शुरू किया जाएगा। यूनिट-3 का कार्यक्षेत्र चांदखेड़ा, मोटेरा, साबरमती, राणीप, नारणपुरा, वाडज और एयरपोर्ट क्षेत्र रहेगा। यूनिट-4, बोडकदेव, वस्त्रापुर, सोला, घाटलोडिया, जीयू, सरखेज और वेजलपुर थाना क्षेत्रों में सक्रिय रहेगी।
क्राइम ब्रांच टीमों की क्षेत्र में उपस्थिति होगी मजबूत
शहर पुलिस आयुक्त कार्यालय के तहत इस निर्णय का मुख्य उद्देश्य गंभीर अपराधों की रोकथाम के लिए क्राइम ब्रांच की टीमों की क्षेत्र में उपस्थिति को और मजबूत करना है। इन टीमों का उद्देश्य क्राइम ब्रांच को केवल अपराध होने के बाद उसकी जांच करने वाली एजेंसी नहीं बल्कि अपराध बने उससे पहले ही उन्हें रोकने वाली और असामाजिक तत्वों पर लगातार नजर रखते हुए क्षेत्र विशेष फोर्स के रूप में मजबूत बनाना है। यह टीमें उन्हें सौंपे गए थाना क्षेत्रों में लगातार सक्रिय रहेंगी। नियमित गस्त, स्थानीय सूचनाओं का संकलन करेंगी। बुटलेगरों, जुआरियों, नशीले पदार्थों की अवैधबिक्री करने वालों, वाहन चोरों व गैंगों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई करेंगी। कोई घटना होने पर तत्काल मौके पर पहुंचकर जांच करेंगी। यह टीमें स्थानीय पुलिस का विकल्प नहीं बल्कि क्राइम फोकस सपोर्ट सिस्टम के रूप में काम करेंगीं। घटना होने पर क्विक रेस्पोंस मोड में स्थल पर पहुंचेंगी। आरोपियों की पहचान, उनके नेटवर्ग की जानकारी जुटाकर कार्रवाई करेंगीं। लोगों की प्राथमिकी और शिकायतों का तत्काल निपटारा करने में भी मददरूप होंगीं।

