नर्मदा डूब प्रभावित गांवों में वर्षों से लंबित विकास कार्यों और मूलभूत सुविधाओं की कमी को लेकर प्रशासन अब गंभीर नजर आ रहा है। मंगलवार को जिला पंचायत के सभागृह में राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग के सदस्य प्रियंक कानूनगो ने जिला अधिकारियों की समीक्षा बैठक ली। समीक्षा बैठक में उन्होंने अधिकारियों को साफ संकेत दिए कि फाइलों में अटके काम अब जमीन पर दिखने चाहिए। बैठक में डूब प्रभावित 9 गांवों की समस्याओं पर विस्तार से चर्चा हुई और संबंधित विभागों को समय सीमा में समाधान के निर्देश दिए गए। बैठक के दौरान सबसे भावुक मामला एक ऐसे ग्रामीण का सामने आया, जिसके दोनों हाथ नहीं हैं। ग्रामीण ने अधिकारियों से किराना दुकान खोलकर आत्मनिर्भर बनने की इच्छा जताई। अधिकारियों ने तत्काल एलडीएम सुमेर सिंह सोलंकी को निर्देश देते हुए कहा कि संबंधित व्यक्ति को प्राथमिकता से लोन उपलब्ध कराया जाए। मर्दाना, लेपा सहित 9 डूब प्रभावित गांवों में अब तक प्रधानमंत्री आवास और कई मूलभूत सुविधाएं नहीं पहुंच पाने पर आयोग के सदस्य ने नाराजगी जताई। समीक्षा में सामने आया कि कई परिवार अब भी मूलभूत जरूरतों के लिए संघर्ष कर रहे हैं।


