बाराबंकी में बिजली कनेक्शन के लिए रिश्वत मांगने और मनमाना एस्टीमेट थमाने के मामले में ऊर्जा मंत्री एके शर्मा ने सख्त कार्रवाई की है। जांच के बाद कई अधिकारियों पर गाज गिरी है। ऊर्जा मंत्री एके शर्मा ने सख्त रुख अपनाते हुए कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। मामला सदर तहसील नवाबगंज क्षेत्र के भिटौली कला गांव का है। यहां रामजेई, पत्नी सुरेश ने 2 किलोवाट घरेलू बिजली कनेक्शन के लिए आवेदन किया था। पीड़िता के पुत्र विमल कुमार ने आरोप लगाया कि सर्वे के बाद विभागीय कर्मचारी मनीष वर्मा ने कनेक्शन देने के लिए 15 हजार रुपए की रिश्वत मांगी। परिवार द्वारा रिश्वत देने से इनकार करने पर विभाग ने 3,39,967 रुपए का एस्टीमेट थमा दिया। विमल कुमार के अनुसार, यह राशि उनके घर की कीमत से भी अधिक है। पीड़ित परिवार ने कई बार अधिकारियों से शिकायत की, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। इसके बाद मामला ऊर्जा मंत्री के “संभव—संपर्क, सेवा, समाधान” जनसुनवाई कार्यक्रम तक पहुंचा। सोमवार को हुई वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में मंत्री ने खुद पीड़ित की शिकायत सुनी। जांच में सामने आया कि शिकायत के बाद भी विभाग द्वारा पीड़ित परिवार पर लगभग 3 लाख रुपए जमा करने का दबाव बनाया गया और जमीन की रजिस्ट्री के आधार पर राशि तय करने का प्रयास किया गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए ऊर्जा मंत्री ने तत्काल कार्रवाई के आदेश दिए। सदर नवाबगंज के अधिशासी अभियंता (XEN) घनश्याम त्रिपाठी को पद से हटाकर नोटिस जारी किया गया है। इसके अलावा, अवर अभियंता (JE) अभिनव श्रीवास्तव और उपखंड अधिकारी (SDO) रवि वर्मा को निलंबित कर दिया गया है। वहीं, लाइनमैन मनीष वर्मा को सेवा से बर्खास्त करने के निर्देश दिए गए हैं। सरकार का कहना है कि भ्रष्टाचार के मामलों में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।


