खगड़िया के मोरकाही थाना क्षेत्र में पुलिस कार्रवाई के दौरान एक अभियुक्त की नदी में डूबने से मौत हो गई। इस घटना के बाद इलाके में तनाव का माहौल है, जबकि मृतक के परिजनों ने पुलिस प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। घटना से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। जिसमें ग्रामीणों और मोरकाही थानाध्यक्ष के बीच बहस हो रही है। इस दौरान थानाध्यक्ष अंतिमा कुमारी पिस्टल लहराते दिख रही है। मृतक की पहचान शत्रुघ्न पासवान के बेटे सौरव कुमार पासवान के रूप में हुई है। पुलिस सौरव को गिरफ्तार करने पहुंची थी घर मोरकाही पुलिस एक मामले में नामजद अभियुक्त सौरव को गिरफ्तार करने उसके घर पहुंची थी। पुलिस को देखकर सौरव भागने लगा और पास स्थित मालती नदी में कूद गया। बताया जा रहा है कि नदी में डूबने के कारण उसकी मौत हो गई। घटना के बाद मृतक के परिजन ने पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं। मृतक की मां का आरोप है कि हाल ही में हुए हिंदू-मुस्लिम विवाद के मामले में उनके बेटे को गलत तरीके से अभियुक्त बनाया गया था, जबकि वह घटना के समय वहां मौजूद नहीं था। घटनास्थल की तस्वीरें.. CCTV फुटेज की जांच करने बोले थे परिजन परिजन ने दावा किया कि परिवार की ओर से कई बार निष्पक्ष जांच और सीसीटीवी फुटेज की जांच की मांग की गई थी, लेकिन इस दिशा में कोई कार्रवाई नहीं हुई। उनका आरोप है कि पुलिस देर रात सौरव को गिरफ्तार करने पहुंची थी और पुलिस कार्रवाई के दौरान ही उसकी मौत हुई। उन्होंने पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है। सौरव कुमार पासवान का शव नदी से बाहर निकाले जाने के बाद परिजन और ग्रामीण आक्रोशित हो उठे। देर रात से ही बड़ी संख्या में लोग मोरकाही थाना के बाहर जमा हो गए और पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए हंगामा करने लगे। थाना प्रभारी ने सर्विस पिस्टल निकालकर लहराया इस बीच सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो में कुछ ग्रामीणों और मोरकाही थाना प्रभारी अंतिमा कुमारी के बीच तीखी बहस होती दिखाई दे रही है। वीडियो में थाना प्रभारी द्वारा अपनी सर्विस पिस्टल निकालने का दृश्य भी नजर आ रहा है। हालांकि, वीडियो की सत्यता और घटना की पूरी परिस्थितियों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हो सकी है। घटना को लेकर स्थानीय लोगों में आक्रोश है। वहीं, पुलिस प्रशासन की ओर से इस मामले में आधिकारिक बयान का इंतजार किया जा रहा है। पुलिस का पक्ष सामने आने के बाद ही पूरे घटनाक्रम की स्पष्ट तस्वीर सामने आ सकेगी। खगड़िया के मोरकाही थाना क्षेत्र में पुलिस कार्रवाई के दौरान एक अभियुक्त की नदी में डूबने से मौत हो गई। इस घटना के बाद इलाके में तनाव का माहौल है, जबकि मृतक के परिजनों ने पुलिस प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। घटना से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। जिसमें ग्रामीणों और मोरकाही थानाध्यक्ष के बीच बहस हो रही है। इस दौरान थानाध्यक्ष अंतिमा कुमारी पिस्टल लहराते दिख रही है। मृतक की पहचान शत्रुघ्न पासवान के बेटे सौरव कुमार पासवान के रूप में हुई है। पुलिस सौरव को गिरफ्तार करने पहुंची थी घर मोरकाही पुलिस एक मामले में नामजद अभियुक्त सौरव को गिरफ्तार करने उसके घर पहुंची थी। पुलिस को देखकर सौरव भागने लगा और पास स्थित मालती नदी में कूद गया। बताया जा रहा है कि नदी में डूबने के कारण उसकी मौत हो गई। घटना के बाद मृतक के परिजन ने पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं। मृतक की मां का आरोप है कि हाल ही में हुए हिंदू-मुस्लिम विवाद के मामले में उनके बेटे को गलत तरीके से अभियुक्त बनाया गया था, जबकि वह घटना के समय वहां मौजूद नहीं था। घटनास्थल की तस्वीरें.. CCTV फुटेज की जांच करने बोले थे परिजन परिजन ने दावा किया कि परिवार की ओर से कई बार निष्पक्ष जांच और सीसीटीवी फुटेज की जांच की मांग की गई थी, लेकिन इस दिशा में कोई कार्रवाई नहीं हुई। उनका आरोप है कि पुलिस देर रात सौरव को गिरफ्तार करने पहुंची थी और पुलिस कार्रवाई के दौरान ही उसकी मौत हुई। उन्होंने पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है। सौरव कुमार पासवान का शव नदी से बाहर निकाले जाने के बाद परिजन और ग्रामीण आक्रोशित हो उठे। देर रात से ही बड़ी संख्या में लोग मोरकाही थाना के बाहर जमा हो गए और पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए हंगामा करने लगे। थाना प्रभारी ने सर्विस पिस्टल निकालकर लहराया इस बीच सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो में कुछ ग्रामीणों और मोरकाही थाना प्रभारी अंतिमा कुमारी के बीच तीखी बहस होती दिखाई दे रही है। वीडियो में थाना प्रभारी द्वारा अपनी सर्विस पिस्टल निकालने का दृश्य भी नजर आ रहा है। हालांकि, वीडियो की सत्यता और घटना की पूरी परिस्थितियों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हो सकी है। घटना को लेकर स्थानीय लोगों में आक्रोश है। वहीं, पुलिस प्रशासन की ओर से इस मामले में आधिकारिक बयान का इंतजार किया जा रहा है। पुलिस का पक्ष सामने आने के बाद ही पूरे घटनाक्रम की स्पष्ट तस्वीर सामने आ सकेगी।


