बलरामपुर के सादुल्लानगर थाना क्षेत्र में पूर्व प्रधान की हत्या के मामले में पुलिस ने अंतिम वांछित आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। इस मामले में अब तक कुल आठ आरोपियों को जेल भेजा जा चुका है। यह घटना 14 मई 2026 को ग्राम गोल्हीपुर स्थित काली मंदिर के पास एक शादी समारोह में हुई थी। ‘मउर सेरवाने’ की रस्म के दौरान महिलाओं के बीच मामूली विवाद शुरू हुआ, जो जल्द ही हिंसक झड़प में बदल गया। विवाद के बीच-बचाव करने आए पूर्व प्रधान तेज बहादुर यादव पर आरोपियों ने लोहे की रॉड, लाठी और डंडों से हमला कर दिया। गंभीर रूप से घायल तेज बहादुर को पहले सीएचसी सादुल्लानगर ले जाया गया। वहां से उन्हें जिला अस्पताल गोंडा रेफर किया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मृत्यु हो गई। मृतक की पत्नी सुशीला देवी की शिकायत पर सादुल्लानगर थाने में हत्या सहित विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया गया था। बलरामपुर के पुलिस अधीक्षक विकास कुमार के निर्देश पर थानाध्यक्ष सत्येंद्र वर्मा के नेतृत्व में चलाए गए अभियान के तहत, पुलिस ने फरार आरोपी रंगीलाल पुत्र रम्पत, निवासी गोल्हीपुर को गिरफ्तार किया। पुलिस के मुताबिक, इस मामले में 16 मई को चार और 18 मई को तीन अन्य आरोपियों को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका था। रंगीलाल की गिरफ्तारी के साथ, सभी आठ आरोपी अब पुलिस हिरासत में हैं। इस गिरफ्तारी अभियान में थानाध्यक्ष सत्येंद्र वर्मा, वरिष्ठ उपनिरीक्षक सुरेंद्र प्रताप सिंह, कांस्टेबल प्रेम कुमार और कांस्टेबल उदयराज की टीम शामिल थी।


