कानपुर में चैत्र नवरात्र और रामनवमी के पावन अवसर पर आस्था और उल्लास का अद्भुत संगम देखने को मिला। श्रीराम जन्मोत्सव सेवा समिति ने अपनी 15वीं भव्य शोभायात्रा का आयोजन किया, जिसमें हजारों श्रद्धालु शामिल हुए। शोभायात्रा का शुभारंभ सनिगवां स्थित बालाजी मंदिर से हुआ। यहां मंच पर उपस्थित अतिथियों का पारंपरिक स्वागत किया गया, उन्हें पट्टिका पहनाई गई और भगवा पगड़ी से सम्मानित किया गया। इस दौरान ‘जय श्रीराम’ के जयकारों से पूरा क्षेत्र गूंज उठा। शोभायात्रा का मुख्य आकर्षण भगवान स्वरूप में सजे छोटे बच्चे रहे। ये बच्चे करीब 15 भव्य रथों पर विराजमान थे और लोगों का मन मोह रहे थे। कुछ बच्चे प्रभु श्रीराम, माता सीता, भगवान शिव और माता पार्वती के रूप में सजे हुए थे। बाबा श्री श्याम का सुसज्जित रथ भी शोभायात्रा में विशेष आकर्षण का केंद्र रहा। इस शोभायात्रा में लगभग 500 मातृशक्ति भगवा साड़ी और पगड़ी धारण कर शामिल हुईं, जिससे आयोजन की दिव्यता और बढ़ गई। सनिगवां क्षेत्र की किन्नर गुरु नीलम यादव और काजल शुक्ला भी अपनी टीम के साथ उपस्थित रहीं और शोभायात्रा की शोभा बढ़ाई। ढोल-ताशों और ब्रम्हनाद की गूंज के बीच पूरी यात्रा में ऊर्जा और उत्साह बना रहा। करीब 5 किलोमीटर लंबे मार्ग को आकर्षक लाइटों से सजाया गया था, जिससे पूरे रास्ते में अद्भुत दृश्य देखने को मिला। शोभायात्रा अन्ना चौराहा, चिस्ती नगर, तिरंगा चौराहा होते हुए हाईवे मार्ग से वापस श्री बालाजी मंदिर टेंपो स्टैंड पर संपन्न हुई। संस्था के संस्थापक धर्मेंद्र शर्मा ने बताया कि उनकी संस्था का उद्देश्य गरीबों की मदद करना, सामाजिक मुद्दों को उठाना और विकास कार्यों में सहयोग करना है। उन्होंने यह भी बताया कि इस यात्रा की शुरुआत वर्ष 2011 में हुई थी, और यह हर वर्ष अधिक भव्य रूप लेती जा रही है। इस कार्यक्रम में कानपुर देहात के सांसद देवेंद्र सिंह भोले, संतोष भदौरिया, महंत अरुणपुरी, महंत जितेंद्रदास, पूर्व पार्षद सौरभ तिवारी, पार्षद विजय लक्ष्मी यादव, उमेश शर्मा और समिति महामंत्री अजय सिंह सहित हजारों रामभक्त मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।


