भास्कर संवाददाता। खरगोन शहर में देर रात दुकानों के ताले तोड़कर चोरी करने वाले गैंग का कोतवाली पुलिस ने पर्दाफाश कर दिया। आरोपी राधावल्लभ मार्केट, सीतावल्लभ मार्केट और बिस्टान रोड के व्यापारिक प्रतिष्ठानों को निशाना बना रहे थे। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए तीन नाबालिग सहित चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनके कब्जे से एक लैपटॉप, 38 पुराने मोबाइल और 13 हजार रुपए नकद सहित करीब ढाई लाख रुपए का सामान बरामद किया है। इस पूरे मामले का मंगलवार को एसपी डॉ. रवींद्र वर्मा ने कंट्रोल रूम में खुलासा किया। मामले को लेकर थाना प्रभारी बीएल मंडलोई ने बताया कि आरोपी वारदात को अंजाम देने के लिए देर रात शहर में आते थे और चोरी के बाद उसी रात शहर छोड़कर निकल जाते थे। पुलिस को गुमराह करने के लिए आरोपी अपने मोबाइल से डायल 112 पर कॉल करते थे और बिना कोई लोकेशन या जानकारी दिए फोन काट देते थे। बदमाश वारदात के बाद वापस जाते समय रास्ते में से ही दो से तीन बार इस तरह फर्जी कॉल कर पुलिस का ध्यान दूसरी ओर भटकाने की कोशिश करते थे। शहर में पिछले डेढ़ महीने से लगातार दुकानों में चोरी की घटनाएं हो रही थी। न्यू राधावल्लभ मार्केट स्थित इंश्योरेंस ऑफिस से लैपटॉप, कैमरा और नकदी चोरी होने के बाद मोबाइल रिपेयरिंग दुकान और सीतावल्लभ मार्केट स्थित कियोस्क सेंटर में भी वारदात हुई थी। घटना के बाद एसपी वर्मा के निर्देश पर कोतवाली और साइबर सेल की संयुक्त टीम बनाई गई। टीम ने घटना स्थलों और आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले। तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिर सूचना के आधार पर इंदौर के देव गुराडिया निवासी सन्नी रावल और तीन नाबालिगों को हिरासत में लिया गया। पूछताछ में आरोपियों ने चोरी करना कबूल कर लिया। टीआई मंडलोई ने बताया कि गिरफ्तार दो नाबालिगों पर पहले भी चोरी और मारपीट के मामले दर्ज हैं। नई आपराधिक कानून व्यवस्था के तहत पुलिस ने विधिविरुद्ध बालकों के माता-पिता को भी धारा 95 बीएनएस के तहत आरोपी बनाया है। पुलिस का मानना है कि नाबालिगों की आपराधिक गतिविधियों में अभिभावकों की जिम्मेदारी तय करने के उद्देश्य से यह कार्रवाई की गई है।


