बिहार के पूर्व मंत्री डॉ.आलोक रंजन ने दिल्ली के रामलीला मैदान में कांग्रेस नेता राहुल गांधी और इंडिया गठबंधन की रैली को फ्लॉप बताया। उन्होंने कहा कि देशभर से भीड़ जुटाने का दावा करने वाले गठबंधन की रैली में उम्मीद के मुताबिक लोग नहीं पहुंचे। सहरसा स्थित अपने आवास पर प्रेस वार्ता में रंजन ने कहा कि रामलीला मैदान में करीब 50 हजार लोगों की भीड़ जुटती है, लेकिन रैली के दौरान आधे से ज्यादा मैदान खाली था। इसका उद्देश्य लोगों के बीच विपक्ष द्वारा फैलाए जा रहे भ्रम को दूर करना और सरकार की नीतियों से जनता को अवगत कराना है। 30 हजार लोगों को नहीं जुटा सकीं एसआईआर के तहत 47 लाख मतदाताओं के नाम काटे जाने के विपक्ष के आरोप पर उन्होंने कहा कि अगर इतने बड़े पैमाने पर नाम काटे गए होते, तो उसका असर रैली में भी दिखता। उन्होंने दावा किया कि देशभर की 19 पार्टियां मिलकर भी 25 से 30 हजार लोगों को नहीं जुटा सकीं। रंजन ने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि वे जिन मुद्दों को उठा रहे हैं, वे जनता के बीच असरदार नहीं हैं। राहुल गांधी 2024 के लोकसभा चुनाव में वोट चोरी से सरकार बनने की बात करते हैं। रंजन ने कहा कि उनके अपने तर्क के मुताबिक, राहुल गांधी कानूनी तौर पर नेता प्रतिपक्ष भी नहीं होने चाहिए। राहुल गांधी को बयानों को सुनना-समझना चाहिए उन्होंने कहा कि राहुल गांधी को पहले अपने बयानों को सुनना और समझना चाहिए, फिर उन पर प्रतिक्रिया देनी चाहिए। रंजन ने कहा, ‘उन्हें खुद भी समझ नहीं आ रहा कि क्या बोलना है।’ पूर्व मंत्री ने कहा कि राहुल गांधी को प्रधानमंत्री की कुर्सी पर बैठने की इतनी जल्दबाजी क्यों है। प्रधानमंत्री बनने के लिए जल्दबाजी के बजाय जनता के असली मुद्दों को समझना और उन पर बहस करना जरूरी है। भ्रम का माहौल बनाने की कोशिश रंजन ने आरोप लगाया कि विपक्ष देश में अराजकता और भ्रम का माहौल बनाने की कोशिश कर रहा है। उन्होंने कहा कि इस भ्रम को दूर करने के लिए एनडीए ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ नारे के साथ सभी जिलों में अभियान चला रहा है। इसी क्रम में 4 नवंबर को सहरसा में केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय के नेतृत्व में पदयात्रा निकाली जाएगी। इसका उद्देश्य लोगों के बीच विपक्ष द्वारा फैलाए जा रहे भ्रम को दूर करना और सरकार की नीतियों से जनता को अवगत कराना है। बिहार के पूर्व मंत्री डॉ.आलोक रंजन ने दिल्ली के रामलीला मैदान में कांग्रेस नेता राहुल गांधी और इंडिया गठबंधन की रैली को फ्लॉप बताया। उन्होंने कहा कि देशभर से भीड़ जुटाने का दावा करने वाले गठबंधन की रैली में उम्मीद के मुताबिक लोग नहीं पहुंचे। सहरसा स्थित अपने आवास पर प्रेस वार्ता में रंजन ने कहा कि रामलीला मैदान में करीब 50 हजार लोगों की भीड़ जुटती है, लेकिन रैली के दौरान आधे से ज्यादा मैदान खाली था। इसका उद्देश्य लोगों के बीच विपक्ष द्वारा फैलाए जा रहे भ्रम को दूर करना और सरकार की नीतियों से जनता को अवगत कराना है। 30 हजार लोगों को नहीं जुटा सकीं एसआईआर के तहत 47 लाख मतदाताओं के नाम काटे जाने के विपक्ष के आरोप पर उन्होंने कहा कि अगर इतने बड़े पैमाने पर नाम काटे गए होते, तो उसका असर रैली में भी दिखता। उन्होंने दावा किया कि देशभर की 19 पार्टियां मिलकर भी 25 से 30 हजार लोगों को नहीं जुटा सकीं। रंजन ने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि वे जिन मुद्दों को उठा रहे हैं, वे जनता के बीच असरदार नहीं हैं। राहुल गांधी 2024 के लोकसभा चुनाव में वोट चोरी से सरकार बनने की बात करते हैं। रंजन ने कहा कि उनके अपने तर्क के मुताबिक, राहुल गांधी कानूनी तौर पर नेता प्रतिपक्ष भी नहीं होने चाहिए। राहुल गांधी को बयानों को सुनना-समझना चाहिए उन्होंने कहा कि राहुल गांधी को पहले अपने बयानों को सुनना और समझना चाहिए, फिर उन पर प्रतिक्रिया देनी चाहिए। रंजन ने कहा, ‘उन्हें खुद भी समझ नहीं आ रहा कि क्या बोलना है।’ पूर्व मंत्री ने कहा कि राहुल गांधी को प्रधानमंत्री की कुर्सी पर बैठने की इतनी जल्दबाजी क्यों है। प्रधानमंत्री बनने के लिए जल्दबाजी के बजाय जनता के असली मुद्दों को समझना और उन पर बहस करना जरूरी है। भ्रम का माहौल बनाने की कोशिश रंजन ने आरोप लगाया कि विपक्ष देश में अराजकता और भ्रम का माहौल बनाने की कोशिश कर रहा है। उन्होंने कहा कि इस भ्रम को दूर करने के लिए एनडीए ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ नारे के साथ सभी जिलों में अभियान चला रहा है। इसी क्रम में 4 नवंबर को सहरसा में केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय के नेतृत्व में पदयात्रा निकाली जाएगी। इसका उद्देश्य लोगों के बीच विपक्ष द्वारा फैलाए जा रहे भ्रम को दूर करना और सरकार की नीतियों से जनता को अवगत कराना है।

