कानपुर देहात की कालपी तहसील के पूर्व बार अध्यक्ष और वरिष्ठ अधिवक्ता गयादीन अहिरवार की हत्या के विरोध में सोमवार को सीतापुर के अधिवक्ताओं ने आवाज उठाई। दोपहर करीब 3 बजे बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने डीएम के माध्यम से राज्यपाल और मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन सौंपा। इसमें मृतक अधिवक्ता के परिवार को एक करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता, एक सदस्य को सरकारी नौकरी और परिजनों की सुरक्षा की मांग की गई। अधिवक्ताओं ने प्रदेश में अधिवक्ता प्रोटेक्शन एक्ट लागू करने की भी मांग उठाई। मुकदमे की रंजिश में हत्या का आरोप बार एसोसिएशन के महासचिव सुधीर शर्मा ने बताया कि 31 अक्टूबर को गयादीन अहिरवार की हत्या कर दी गई थी। आरोप है कि उन्हें बुलाकर ले जाया गया और बाद में उनकी हत्या कर दी गई। उनके अनुसार, मामला एक मुकदमे से जुड़ी रंजिश का बताया जा रहा है। घटना के बाद अधिवक्ताओं में आक्रोश है। परिवार को नौकरी और सुरक्षा देने की मांग ज्ञापन में मांग की गई कि मृतक अधिवक्ता के परिवार को सरकार की ओर से एक करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता दी जाए। साथ ही परिवार के किसी योग्य सदस्य को शैक्षिक योग्यता के आधार पर सरकारी नौकरी दी जाए। परिजनों की सुरक्षा के लिए समुचित व्यवस्था करने और घटना में शामिल सभी आरोपियों की गिरफ्तारी सुनिश्चित करने की मांग भी की गई। अधिवक्ता प्रोटेक्शन एक्ट लागू करने पर जोर बार एसोसिएशन ने उत्तर प्रदेश में अधिवक्ता प्रोटेक्शन एक्ट लागू करने की मांग दोहराई। महासचिव सुधीर शर्मा ने कहा कि अधिवक्ताओं के साथ मारपीट, उत्पीड़न और हत्या जैसी घटनाएं चिंता का विषय हैं। कानून लागू होने से अधिवक्ता निर्भय होकर न्यायिक कार्य कर सकेंगे। बार एसोसिएशन के अध्यक्ष अक्षय सहाय और महासचिव सुधीर शर्मा ने सरकार से अधिवक्ताओं की सुरक्षा के लिए प्रभावी कदम उठाने की अपील की।

