प्रतापगढ़ में सोमवार को अनुदानित महाविद्यालयों के आज सोमावर को दोपहर दो बजे करीब शिक्षकों ने 11 सूत्रीय मांगों को लेकर प्रदर्शन किया। फुपुक्टा के आह्वान पर शिक्षकों ने बांहों पर काली पट्टी बांधकर विरोध जताया। मुनीश्वर दत्त स्नातकोत्तर महाविद्यालय (एमडीपीजी कॉलेज), प्रताप बहादुर स्नातकोत्तर महाविद्यालय (पीबीपीजी कॉलेज) प्रतापगढ़ सिटी और अन्य महाविद्यालयों में प्रदर्शन हुआ। विरोध के दौरान शिक्षकों ने शांतिपूर्ण ढंग से पढ़ाना जारी रखा। शिक्षकों ने पुरानी पेंशन योजना बहाल करने और यूजीसी के नियमों के मुताबिक सेवानिवृत्ति की उम्र 62 से बढ़ाकर 65 साल करने की मांग की। उन्होंने अनुदानित महाविद्यालयों में काम कर रहे स्ववित्तपोषित शिक्षकों को स्थायी करने और पीएचडी इन्क्रिमेंट का लाभ देने की मांग भी उठाई। अन्य मांगों में राजकीय कर्मचारियों की तरह मेडिकल छुट्टी, तबादले के लिए एनओसी की बाध्यता खत्म करना और एनईपी-2020 के तहत सालाना परीक्षाएं कराना शामिल है। शिक्षकों ने फीडर कैडर का लाभ फिर से देने, आमेलित शिक्षकों को देय तिथि से पदोन्नति देने और अर्हता की तिथि से प्रोफेसर पदनाम देने की मांग की।
शिक्षकों ने 62 साल की उम्र में सेवानिवृत्ति पर ग्रेच्युटी का लाभ देने की मांग भी की। एमडीपीजी कॉलेज में प्रदर्शन के दौरान फुपुक्टा के महामंत्री प्रो. प्रदीप कुमार सिंह, इकाई अध्यक्ष प्रो. अरुण कुमार तिवारी और महामंत्री प्रो. पीयूषकांत शर्मा मौजूद रहे। इनके अलावा प्रो. संतोष कुमार पाण्डेय, प्रो. ऊषा तिवारी, प्रो. राजवंत सिंह, डॉ. राजेंद्र मिश्र, डॉ. रंजीत पटेल, डॉ. अभिषेक सिंह, डॉ. मनीष सिंह, डॉ. रेखा मिश्रा, डॉ. मुक्ता वर्मा, डॉ. सीमा त्रिपाठी, डॉ. शालिनी वर्मा, डॉ. करुणेश त्रिपाठी, डॉ. डीके पाण्डेय, डॉ. स्वामीनाथ तिवारी और डॉ. अनीश द्विवेदी समेत शिक्षक मौजूद रहे।

