बहराइच में त्योहारों से पहले मिलावटी मिठाइयों और खाद्य पदार्थों की बिक्री रोकने के लिए खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन की टीमों ने सोमवार को छापेमारी की। दोपहर दो बजे से शाम पांच बजे तक जरवल रोड, कैसरगंज, रिसिया और गंभीरवा के बाजारों में दुकानों की जांच की गई। इस दौरान जरवल रोड की एक दुकान से करीब 125 किलो दूषित छेना और रसगुल्ला नष्ट कराया गया। अलग-अलग दुकानों से खाद्य पदार्थों के आठ नमूने भी लिए गए। सहायक आयुक्त खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन डॉ. अमर सिंह वर्मा ने बताया कि आयुक्त खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन, उत्तर प्रदेश और जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय के निर्देश पर अभियान चलाया जा रहा है। जांच के लिए खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की दो टीमें लगाई गई थीं। फ्रीजर में रखी मिलीं दूषित मिठाइयां पहली टीम ने जरवल रोड के तूफानी चौराहे पर स्थित बंगाली मिष्ठान भंडार की जांच की। वहां फ्रीजर में कई दिनों से रखे छेना और रसगुल्ले दूषित हालत में मिले। टीम ने करीब 125 किलो मिठाई मौके पर नष्ट करा दी। इसके बाद कैसरगंज की झगरू स्वीट शॉप से खोया और तहसील के पास स्थित बद्री स्वीट शॉप से दूध की बर्फी व मिल्क केक के नमूने लिए गए। अलग-अलग दुकानों से लिए नमूने दूसरी टीम ने रिसिया बाजार स्थित विनायक इंटरप्राइजेज से छेना, रसगुल्ला और गुलाब जामुन के नमूने लिए। गंभीरवा बाजार के यादव मिष्ठान भंडार से दूध की बर्फी और मिल्क केक, जबकि सुरेश स्वीट शॉप से पेड़े का नमूना लिया गया। शिवनगर के एक प्रतिष्ठान से दूध का नमूना भी लिया गया। खाद्य सुरक्षा विभाग के मुताबिक, लिए गए नमूनों को जांच के लिए भेजा जाएगा। रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। छापेमारी में सहायक आयुक्त डॉ. अमर सिंह वर्मा, मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी अरुण कुमार शुक्ल और खाद्य सुरक्षा अधिकारी मुकेश कुमार श्रीवास्तव, आदित्य वर्मा, अजय कुमार सिंह, कृपा शंकर, विनय कुमार, अनूप सिंह और प्रीती वर्मा समेत अन्य अधिकारी शामिल रहे।

