कूनो नेशनल पार्क में नर चीते KNG-22 की गोली लगने से मौत के मामले में एसटीएफ ने मुरैना के दो भाइयों को आरोपी बनाया है। मुख्य आरोपी भगवान सिंह की निशानदेही पर शिकार में इस्तेमाल लाइसेंसी दो नाली वाली टोपीदार भरमार बंदूक बरामद की गई है। उसके भाई उत्तम सिंह को भी मामले में आरोपी बनाया गया है। शिकार के लिए जंगल जाने की बात कही एसटीएफ के मुताबिक, पूछताछ में भगवान सिंह ने बताया कि 24 अक्टूबर को वह अपने भाई उत्तम सिंह के साथ शिकार के लिए विजयपुर इलाके के ग्राम नितनवास के पास जंगल गया था। वहां चीता दिखाई देने पर उसकी बंदूक से गोली चली। भगवान सिंह के बयान के आधार पर मुरैना पुलिस की मदद से उत्तम सिंह को भी हिरासत में लिया गया। इसके बाद दोनों को घटनास्थल पर ले जाकर पूछताछ की गई। उनकी निशानदेही पर वनमंडल मुरैना के जंगल से बंदूक बरामद की गई। वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत केस एसटीएफ ने दोनों के खिलाफ वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972 (संशोधित 2022) की धारा 9 और 51 के तहत केस दर्ज किया है। जांच में अब तक अवैध वन्यजीव व्यापार या किसी संगठित गिरोह की साजिश सामने नहीं आई है। इनपुट के मुताबिक, दोनों को सोमवार को विजयपुर न्यायालय में पेश कर जेल भेजने की कार्रवाई की गई। दो रेंजर, एक डिप्टी रेंजर और बीट गार्ड निलंबित चीते की सुरक्षा और निगरानी में लापरवाही सामने आने पर सीसीएफ ग्वालियर ने शुक्रवार को चार वनकर्मियों को सस्पेंड कर दिया। इनमें दो रेंजर, एक डिप्टी रेंजर और एक बीट गार्ड शामिल हैं।

