राष्ट्र सेविका समिति की स्थापना के 90 साल पूरे होने के उपलक्ष्य में रविवार शाम पाली शहर में नवचेतना पथ संचलन निकाला गया। इसमें करीब 350 सेविकाओं ने पूर्ण गणवेश में हिस्सा लिया। सामाजिक और व्यापारिक संगठनों ने जगह-जगह पुष्पवर्षा कर उनका स्वागत किया। कार्यक्रम में मातृशक्ति को संगठित और सशक्त बनाने पर जोर दिया गया। लोढ़ा स्कूल से बांगड़ स्कूल तक निकाला पथ संचलन राष्ट्र सेविका समिति की विभाग कार्यवाहिका अंजना सराफ ने बताया कि दोपहर 3 बजे लोढ़ा स्कूल परिसर में सेविकाओं का एकत्रीकरण हुआ। विधिवत उद्बोधन के बाद पथ संचलन शुरू किया गया। यह लोढ़ा स्कूल से रवाना होकर सूरजपोल, सोमनाथ मंदिर, घी का झंडा, सराफा बाजार, उदयपुरिया बाजार, गुलजार चौक, सुराणा सराया, विवेकानंद चौराहा और डिस्ट्रिक्ट क्लब चौराहा होते हुए बांगड़ स्कूल पहुंचकर संपन्न हुआ। पूरे मार्ग में सेविकाओं की एक जैसी गणवेश और अनुशासित कदमताल आकर्षण का केंद्र रही। इस दौरान भारत माता की जय और वंदे मातरम् के नारे लगाए गए मोनिका माहेश्वरी बोलीं- मातृशक्ति का संगठन ही सशक्त समाज का आधार कार्यक्रम में प्रांत शारीरिक प्रमुख मोनिका माहेश्वरी मुख्य वक्ता रहीं। एपीसी शिक्षा विभा प्रिया मुख्य अतिथि और पुलिस अधीक्षक मोनिका सेन कार्यक्रम की अध्यक्ष रहीं। मुख्य वक्ता मोनिका माहेश्वरी ने कहा कि राष्ट्र सेविका समिति समाज की मातृशक्ति को संगठित और सशक्त बनाने का महत्वपूर्ण काम कर रही है। समिति की स्थापना 25 अक्टूबर 1936 को लक्ष्मीबाई केलकर ने की थी। उस समय महिलाओं की परिस्थितियों को देखते हुए उन्हें संगठित और सशक्त बनाने के उद्देश्य से समिति की शुरुआत की गई थी। पाली जिले की 350 सेविकाओं ने लिया हिस्सा नवचेतना पथ संचलन में जिला कार्यवाहिका भाग्यश्री दीदी, सुमन दीदी, डिंपल दीदी, कोमल दीदी, रिया दीदी और खुशी दीदी सहित पाली जिले की करीब 350 सेविकाओं ने हिस्सा लिया।

