बांदा के नरैनी कोतवाली क्षेत्र के नंदवारा गांव में दो भाइयों की हत्या के मामले में पुलिस की जांच जारी है। एसआईटी और विवेचक ने गांव पहुंचकर छानबीन की। अब तक जांच के 40 पर्चे काटे गए हैं। पुलिस का कहना है कि घटना से जुड़े पर्याप्त साक्ष्य जुटाए गए हैं। 30 सितंबर को भइयाराम के छह वर्षीय बेटे मनोज और चार साल के बेटे युवराज के शव घर के पास पानी से भरे गड्ढे में मिले थे। मामले में नौ लोगों के नाम पर एफआईआर दर्ज कराई गई थी। पुलिस ने जेल में बंद चार आरोपियों को रिमांड पर लेकर पूछताछ की। पुलिस के मुताबिक, पूछताछ में घटना से जुड़े कई तथ्य सामने आए और उन्हें जांच में शामिल किया गया। पुलिस को दोनों भाइयों के सिर आपस में टकराने, सपा नेता महेंद्र पाल वर्मा पर साजिश रचने और हिस्ट्रीशीटर ओमकार उर्फ शेरा के घटना वाले दिन गांव में मौजूद होने से जुड़े साक्ष्य मिले हैं। पुलिस को पुरानी रंजिश के विवाद का वीडियो भी मिला है। बताया गया है कि वीडियो में महेंद्र पाल वर्मा और ओमकार उर्फ शेरा दिखाई दे रहे हैं। नामजद नौ आरोपियों में से सात को पुलिस जेल भेज चुकी है। इनमें महेंद्र पाल वर्मा और ओमकार उर्फ शेरा भी शामिल हैं। आरोपी अखिलेश की पत्नी समेत दो महिलाओं की भूमिका की जांच जारी है। विवेचक घटना से जुड़े सभी पहलुओं की पड़ताल कर रहे हैं। महेंद्र पाल वर्मा ने हाईकोर्ट में जमानत याचिका दाखिल की है। पुलिस जल्द ही इस संबंध में अपनी रिपोर्ट दाखिल कर सकती है। सीओ नरैनी प्रवीण कुमार ने बताया कि दोहरे हत्याकांड की जांच में घटना के हर पहलू को देखा जा रहा है।

