देवास जिले में रविवार देर रात अवैध शराब तस्करी के खिलाफ कार्रवाई करने पहुंचे खातेगांव थाना प्रभारी दिलीप पुरी की मौत हो गई। शराब से भरे आयशर वाहन के चालक ने उन्हें कुचल दिया। गंभीर हालत में उन्हें अस्पताल पहुंचाया गया, जहां करीब 2 घंटे तक CPR और आपातकालीन इलाज दिया गया। इसके बावजूद उन्हें बचाया नहीं जा सका। चालक ने डिवाइडर पर चढ़ाकर आगे बढ़ाया वाहन जानकारी के अनुसार, रविवार रात करीब 1:30 बजे टीआई दिलीप पुरी को इंदौर-बैतूल हाईवे पर अवैध शराब की तस्करी की सूचना मिली थी। वह पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। वहां डिवाइडर के पास आयशर वाहन खड़ा मिला। टीआई पुरी ने चालक को बाहर आने के लिए कहा। इसी दौरान चालक ने आयशर को डिवाइडर पर चढ़ाकर आगे बढ़ाने की कोशिश की। वाहन का पिछला पहिया टीआई पुरी के ऊपर से गुजर गया। इससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए। उनके शरीर पर कई गंभीर चोटें आईं और काफी खून बह गया। धार के बरमंडल गांव में पसरा मातम टीआई दिलीप पुरी मूल रूप से धार जिले की सरदारपुर तहसील के बरमंडल गांव के रहने वाले थे। उनके पिता ओमप्रकाश पुरी किसान और वरिष्ठ कांग्रेस नेता हैं। घटना की खबर मिलते ही गांव में शोक की लहर फैल गई। परिजन और रिश्तेदार उनके घर पहुंचने लगे हैं। उनके छोटे भाई इंदौर में निजी नौकरी करते हैं। उप निरीक्षक से बने थे थाना प्रभारी ग्रामीणों के मुताबिक, दिलीप पुरी पुलिस में उप निरीक्षक के पद पर भर्ती हुए थे। स्कूल के दिनों में भी वह काफी मेहनती थे। उनका अंतिम संस्कार पैतृक गांव बरमंडल में पूरे राजकीय सम्मान के साथ किया जाएगा।

