पटना के पाटलिपुत्र थाना क्षेत्र स्थित बाबा चौक से पुलिस ने चार युवकों को हथियार और कारतूस के साथ गिरफ्तार किया है। आरोपियों के पास से 35 जिंदा कारतूस, 70 खाली खोखे, एक पिस्टल और अन्य हथियार बरामद किया गया है। आरोपियों के पास से पत्रकार का आईडी कार्ड भी बरामद किया गया है। पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार युवक राजीव नगर, दीघा और पाटलिपुत्र इलाके में सक्रिय अलग-अलग भू-माफियाओं के लिए काम करते थे। आरा, दीघा, मुजफ्फरपुर और मनेर के रहने वाले हैं आरोपी गिरफ्तार युवकों की पहचान शिवम सिंह (आरा), विवेक कुमार (दीघा के बालू पर), अर्पित सिंह (मुजफ्फरपुर) और अनिल कुमार उर्फ गोलू (मनेर) के रूप में हुई है। अनिल कुमार की बाबा चौक पर दुकान भी है। पुलिस के मुताबिक, पूछताछ के दौरान आरोपियों ने कई भू-माफियाओं के नाम बताए हैं। पुलिस अब इन नामों के आधार पर पूरे नेटवर्क की पड़ताल कर रही है। पत्रकार पर भी लगाए गए आरोप पुलिस के मुताबिक, पूछताछ में एक पत्रकार का नाम भी सामने आया है। उसके खिलाफ पाटलिपुत्र थाने में शिकायत दर्ज कराए जाने की बात कही गई है। आरोप है कि संबंधित पत्रकार 33 प्रतिशत कमीशन लेकर पुलिस और प्रशासन को मैनेज करने का काम करता था। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और शिकायत दर्ज होना अपने आप में अपराध साबित होना नहीं है। वहीं, अर्पित सिंह पर प्रेस और इंडियन आर्मी के फर्जी पहचान पत्रों का इस्तेमाल आपराधिक गतिविधियों में करने का आरोप है। पुलिस इन आरोपों की जांच कर रही है। राजीव नगर में चार कट्ठे के प्लॉट को लेकर विवाद इस मामले का संबंध राजीव नगर रोड नंबर 18 में चार कट्ठे के एक प्लॉट को लेकर हुए विवाद से भी बताया जा रहा है। हाल में प्लॉट की दीवार तोड़ने को लेकर विवाद हुआ था। आरोप है कि शिवम सिंह और विवेक कुमार ने पंकज शर्मा के घर पर पिस्टल लहराई थी। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने की बात भी सामने आई है। बताया जा रहा है कि दीवार तोड़ने के लिए 20 हजार रुपये एडवांस दिए गए थे। पुलिस इस विवाद और गिरफ्तार युवकों की भूमिका के बीच संबंधों की जांच कर रही है। भू-माफियाओं और अन्य लोगों की तलाश में जुटी पुलिस पुलिस गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर रही है। जांच का उद्देश्य भू-माफिया नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की पहचान करना और हथियारों के स्रोत का पता लगाना है। मामले में सामने आए आरोपों और कथित नेटवर्क की भूमिका की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। पटना के पाटलिपुत्र थाना क्षेत्र स्थित बाबा चौक से पुलिस ने चार युवकों को हथियार और कारतूस के साथ गिरफ्तार किया है। आरोपियों के पास से 35 जिंदा कारतूस, 70 खाली खोखे, एक पिस्टल और अन्य हथियार बरामद किया गया है। आरोपियों के पास से पत्रकार का आईडी कार्ड भी बरामद किया गया है। पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार युवक राजीव नगर, दीघा और पाटलिपुत्र इलाके में सक्रिय अलग-अलग भू-माफियाओं के लिए काम करते थे। आरा, दीघा, मुजफ्फरपुर और मनेर के रहने वाले हैं आरोपी गिरफ्तार युवकों की पहचान शिवम सिंह (आरा), विवेक कुमार (दीघा के बालू पर), अर्पित सिंह (मुजफ्फरपुर) और अनिल कुमार उर्फ गोलू (मनेर) के रूप में हुई है। अनिल कुमार की बाबा चौक पर दुकान भी है। पुलिस के मुताबिक, पूछताछ के दौरान आरोपियों ने कई भू-माफियाओं के नाम बताए हैं। पुलिस अब इन नामों के आधार पर पूरे नेटवर्क की पड़ताल कर रही है। पत्रकार पर भी लगाए गए आरोप पुलिस के मुताबिक, पूछताछ में एक पत्रकार का नाम भी सामने आया है। उसके खिलाफ पाटलिपुत्र थाने में शिकायत दर्ज कराए जाने की बात कही गई है। आरोप है कि संबंधित पत्रकार 33 प्रतिशत कमीशन लेकर पुलिस और प्रशासन को मैनेज करने का काम करता था। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और शिकायत दर्ज होना अपने आप में अपराध साबित होना नहीं है। वहीं, अर्पित सिंह पर प्रेस और इंडियन आर्मी के फर्जी पहचान पत्रों का इस्तेमाल आपराधिक गतिविधियों में करने का आरोप है। पुलिस इन आरोपों की जांच कर रही है। राजीव नगर में चार कट्ठे के प्लॉट को लेकर विवाद इस मामले का संबंध राजीव नगर रोड नंबर 18 में चार कट्ठे के एक प्लॉट को लेकर हुए विवाद से भी बताया जा रहा है। हाल में प्लॉट की दीवार तोड़ने को लेकर विवाद हुआ था। आरोप है कि शिवम सिंह और विवेक कुमार ने पंकज शर्मा के घर पर पिस्टल लहराई थी। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने की बात भी सामने आई है। बताया जा रहा है कि दीवार तोड़ने के लिए 20 हजार रुपये एडवांस दिए गए थे। पुलिस इस विवाद और गिरफ्तार युवकों की भूमिका के बीच संबंधों की जांच कर रही है। भू-माफियाओं और अन्य लोगों की तलाश में जुटी पुलिस पुलिस गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर रही है। जांच का उद्देश्य भू-माफिया नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की पहचान करना और हथियारों के स्रोत का पता लगाना है। मामले में सामने आए आरोपों और कथित नेटवर्क की भूमिका की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।

