उत्तरी गोवा में अपराध शाखा कार्यालय में एक पुलिस निरीक्षक ने एक महिला की मदद से 16 वर्षीय लड़की का कथित तौर पर कई बार यौन शोषण किया। अधिकारियों ने शनिवार को यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पुलिस ने निरीक्षक विकास डेकर और रंजिनी पल्येकर नाम की एक महिला के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) और यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण (पॉक्सो) अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया है।
आरोप है कि महिला की मदद से पुलिस निरीक्षक ने नाबालिग लड़की का यौन शोषण किया। पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) आलोक कुमार ने शनिवार को कहा कि पुलिस बल दुर्व्यवहार के मामलों को बिल्कुल बर्दाश्त नहीं करता है और आरोपी अधिकारी तथा उसकी सहयोगी के खिलाफ कानूनी और विभागीय, दोनों तरह की कार्रवाई शुरू की गयी है। पुलिस के अनुसार, कथित घटनाएं 25 जुलाई और 27 अक्टूबर को रिबंदर स्थित अपराध शाखा कार्यालय में हुईं।
नाबालिग लड़की ने शुरुआत में अपनी शिकायत बाल हेल्पलाइन सेवा के समक्ष रखी थी, जिसे निरीक्षक डेकर के पास भेज दिया गया था। बाद में उसने शिकायत दर्ज कराई कि अधिकारी ने अपने कार्यालय के भीतर उसका यौन उत्पीड़न किया। दोनों आरोपी के खिलाफ बीएनएस की धारा 75 (यौन उत्पीड़न) और 127 (गलत तरीके से बंधक बनाना) के साथ-साथ पॉक्सो अधिनियम की धारा 10 (गंभीर यौन हमला) और 12 (यौन उत्पीड़न) के तहत मामला दर्ज किया गया है।
चूंकि आरोप अपराध शाखा परिसर के भीतर हुई घटनाओं से संबंधित थे, इसलिए मामले को ओल्ड गोवा पुलिस थाने में स्थानांतरित कर दिया गया है।

