सतना नगर निगम परिषद की बुधवार को हुई बैठक में विधायक सिद्धार्थ कुशवाहा ने शहर के विकास कार्यों और नामकरण को लेकर चल रही राजनीति पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि नगर निगम की प्राथमिकता जनता को सड़क, पानी और सफाई जैसी मूलभूत सुविधाएं देना होनी चाहिए। परिषद और एमआईसी की बैठकों में विकास कार्यों की समीक्षा के बजाय नामकरण पर ज्यादा चर्चा हो रही है। विधायक ने तंज कसते हुए कहा कि जब नगर निगम में जन्म और मृत्यु प्रमाणपत्र के लिए काउंटर खुले हैं, तो नामकरण के लिए भी एक काउंटर खोल दिया जाए। नामकरण से ज्यादा जरूरी सड़क, पानी और सफाई सिद्धार्थ कुशवाहा ने कहा कि तालाब, स्टेडियम और अन्य स्थानों के नाम रखने से ज्यादा जरूरी शहर में अच्छी सड़कें, साफ पानी और बेहतर सफाई व्यवस्था सुनिश्चित करना है। उनके मुताबिक, शहर में अधोसंरचना विकास के काम अपेक्षित गति से नहीं हो रहे हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि सरकार से हजारों करोड़ रुपए मिलने और नगर निगम का सालाना टर्नओवर करीब 500 करोड़ रुपए होने के बावजूद शहर में चलने लायक सड़कें तक नहीं हैं। महापौर के आरोपों के बाद परिषद की बैठक में पहुंचे विधायक विधायक सिद्धार्थ कुशवाहा आमतौर पर नगर निगम परिषद की बैठकों में शामिल नहीं होते हैं। पिछले दिनों महापौर योगेश ताम्रकार ने सोशल मीडिया पर उन पर सतना के विकास की अनदेखी करने के आरोप लगाए थे। इसके बाद विधायक बुधवार को परिषद की बैठक में पहुंचे। उन्होंने शुरुआत में करीब 20 मिनट तक शहर के विकास से जुड़े मुद्दे उठाए। साथ ही नगर निगम और महापौर के साथ हुए पत्राचार से जुड़े करीब 50 पत्र सदन के पटल पर रखे। बोले- विकास के मुद्दों पर दलगत राजनीति से ऊपर उठकर चर्चा हो विधायक ने कहा कि शहर के विकास के मुद्दों पर दलगत राजनीति से ऊपर उठकर चर्चा होनी चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि सतना के विकास के लिए जहां भी जरूरत पड़ेगी, वे शहर से लेकर भोपाल और दिल्ली तक संघर्ष करने को तैयार हैं।

