समस्तीपुर के दलसिंहसराय में स्वर्ण कारोबारी राजेश कुमार पोद्दार की गोली मारकर हत्या के मामले में अब तक पुलिस को कोई ठोस सुराग नहीं मिला है। हत्या की वजह भी स्पष्ट नहीं हो सकी है। अब पुलिस को सबसे ज्यादा उम्मीद कारोबारी के मोबाइल फोन से है। जांच के दौरान मोबाइल में कुछ लेनदेन से जुड़े रिकॉर्ड और अन्य अहम जानकारियां मिली हैं। पुलिस इन रिकॉर्ड को खंगालकर यह पता लगाने में जुटी है कि राजेश का किन लोगों से आर्थिक लेनदेन था और घटना से पहले वह किन लोगों के संपर्क में थे। सोमवार रात को गोली मारकर की गई थी राजेश की हत्या राजेश पोद्दार की सोमवार रात गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। वह काली चौक स्थित अपनी सोना-चांदी की दुकान बंद कर बाइक से घर लौट रहे थे। इसी दौरान अपराधियों ने उन्हें गोली मार दी। घटना के बाद से पुलिस की कई टीमें अलग-अलग बिंदुओं पर जांच कर रही हैं। दुकान से 50 किलोमीटर आगे तक CCTV खंगाला पुलिस ने कारोबारी की दुकान से लेकर घटनास्थल और उसके आगे करीब 50 किलोमीटर तक के रास्ते में लगे CCTV कैमरों के फुटेज खंगाले हैं। फुटेज में कुछ संदिग्ध लोग भी दिखाई दिए हैं। पुलिस इनकी पहचान करने के साथ यह पता लगाने में जुटी है कि इनका राजेश पोद्दार की हत्या से कोई संबंध है या नहीं। पुलिस की टीम घटनास्थल के आसपास के अलावा कारोबारी के आने-जाने वाले रास्तों और उससे जुड़े इलाकों में भी CCTV फुटेज जुटा रही है। तकनीकी जांच के साथ संदिग्ध मोबाइल नंबरों और कारोबारी के संपर्क में रहे लोगों की जानकारी भी जुटाई जा रही है। परिवार से भी नहीं मिल रही खास जानकारी इस हत्याकांड में परिवार की ओर से भी पुलिस को अब तक कोई ऐसी खास जानकारी नहीं दी गई है, जिससे जांच को स्पष्ट दिशा मिल सके। मंगलवार देर शाम तक मामले में प्राथमिकी भी दर्ज नहीं हो पाई थी। ऐसे में पुलिस फिलहाल तकनीकी साक्ष्य, मोबाइल रिकॉर्ड और CCTV फुटेज के आधार पर आगे बढ़ रही है। पगड़ा गांव में बन रहा था भव्य मकान जांच के दौरान पुलिस की नजर राजेश पोद्दार द्वारा पगड़ा गांव में बनवाए जा रहे नए मकान पर भी है। राजेश का मूल घर सरदारगंज में बताया जा रहा है। इसके बावजूद उन्होंने पगड़ा गांव में जमीन लेकर नया और भव्य मकान बनवाना शुरू किया था। बताया जा रहा है कि आगामी नवंबर में इसी मकान में गृह प्रवेश की तैयारी थी। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि मकान के निर्माण को लेकर किसी तरह का विवाद, जमीन से जुड़ा मामला या किसी व्यक्ति से लेनदेन तो नहीं था। हालांकि अभी तक इस एंगल पर कोई स्पष्ट आरोप या ठोस साक्ष्य सामने नहीं आया है। छोटी दुकान, भव्य मकान… कमाई के स्रोत की भी जांच पुलिस इस बात की भी पड़ताल कर रही है कि राजेश पोद्दार की काली चौक के पास छोटी सोना-चांदी की दुकान थी। इसके बावजूद पगड़ा गांव में भव्य मकान का निर्माण कराया जा रहा था। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि मकान के निर्माण में पैसा कहां से आया और क्या इसका कारोबारी की हत्या से कोई संबंध है। हालांकि पुलिस किसी एक एंगल को हत्या का कारण मानकर जांच नहीं कर रही है। मोबाइल में मिले लेनदेन, दुकान, मकान, जमीन और कारोबारी के संपर्क में रहे लोगों समेत कई बिंदुओं पर एक साथ जांच की जा रही है। मोबाइल में मिले लेनदेन के रिकॉर्ड से उम्मीद एसपी अरविंद प्रताप सिंह ने बताया कि घटना के बाद पुलिस ने कारोबारी का मोबाइल फोन और घटनास्थल से मिले अन्य साक्ष्यों को जब्त किया था। मोबाइल की जांच में कुछ लेनदेन से संबंधित जानकारी और अन्य साक्ष्य मिले हैं। इन सभी बिंदुओं के आधार पर पुलिस टीम अनुसंधान कर रही है। एसपी ने बताया कि मामले की जांच के लिए समस्तीपुर के नए ग्रामीण एसपी भी क्षेत्र में कैंप कर रहे हैं। पुलिस जल्द ही हत्याकांड का खुलासा करने के प्रयास में जुटी है। फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि राजेश पोद्दार की हत्या के पीछे वजह क्या थी—कारोबारी से जुड़ा कोई पुराना विवाद, आर्थिक लेनदेन, जमीन-मकान का मामला या फिर कोई अन्य कारण। पुलिस की जांच इन सभी सवालों के जवाब तलाश रही है। समस्तीपुर के दलसिंहसराय में स्वर्ण कारोबारी राजेश कुमार पोद्दार की गोली मारकर हत्या के मामले में अब तक पुलिस को कोई ठोस सुराग नहीं मिला है। हत्या की वजह भी स्पष्ट नहीं हो सकी है। अब पुलिस को सबसे ज्यादा उम्मीद कारोबारी के मोबाइल फोन से है। जांच के दौरान मोबाइल में कुछ लेनदेन से जुड़े रिकॉर्ड और अन्य अहम जानकारियां मिली हैं। पुलिस इन रिकॉर्ड को खंगालकर यह पता लगाने में जुटी है कि राजेश का किन लोगों से आर्थिक लेनदेन था और घटना से पहले वह किन लोगों के संपर्क में थे। सोमवार रात को गोली मारकर की गई थी राजेश की हत्या राजेश पोद्दार की सोमवार रात गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। वह काली चौक स्थित अपनी सोना-चांदी की दुकान बंद कर बाइक से घर लौट रहे थे। इसी दौरान अपराधियों ने उन्हें गोली मार दी। घटना के बाद से पुलिस की कई टीमें अलग-अलग बिंदुओं पर जांच कर रही हैं। दुकान से 50 किलोमीटर आगे तक CCTV खंगाला पुलिस ने कारोबारी की दुकान से लेकर घटनास्थल और उसके आगे करीब 50 किलोमीटर तक के रास्ते में लगे CCTV कैमरों के फुटेज खंगाले हैं। फुटेज में कुछ संदिग्ध लोग भी दिखाई दिए हैं। पुलिस इनकी पहचान करने के साथ यह पता लगाने में जुटी है कि इनका राजेश पोद्दार की हत्या से कोई संबंध है या नहीं। पुलिस की टीम घटनास्थल के आसपास के अलावा कारोबारी के आने-जाने वाले रास्तों और उससे जुड़े इलाकों में भी CCTV फुटेज जुटा रही है। तकनीकी जांच के साथ संदिग्ध मोबाइल नंबरों और कारोबारी के संपर्क में रहे लोगों की जानकारी भी जुटाई जा रही है। परिवार से भी नहीं मिल रही खास जानकारी इस हत्याकांड में परिवार की ओर से भी पुलिस को अब तक कोई ऐसी खास जानकारी नहीं दी गई है, जिससे जांच को स्पष्ट दिशा मिल सके। मंगलवार देर शाम तक मामले में प्राथमिकी भी दर्ज नहीं हो पाई थी। ऐसे में पुलिस फिलहाल तकनीकी साक्ष्य, मोबाइल रिकॉर्ड और CCTV फुटेज के आधार पर आगे बढ़ रही है। पगड़ा गांव में बन रहा था भव्य मकान जांच के दौरान पुलिस की नजर राजेश पोद्दार द्वारा पगड़ा गांव में बनवाए जा रहे नए मकान पर भी है। राजेश का मूल घर सरदारगंज में बताया जा रहा है। इसके बावजूद उन्होंने पगड़ा गांव में जमीन लेकर नया और भव्य मकान बनवाना शुरू किया था। बताया जा रहा है कि आगामी नवंबर में इसी मकान में गृह प्रवेश की तैयारी थी। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि मकान के निर्माण को लेकर किसी तरह का विवाद, जमीन से जुड़ा मामला या किसी व्यक्ति से लेनदेन तो नहीं था। हालांकि अभी तक इस एंगल पर कोई स्पष्ट आरोप या ठोस साक्ष्य सामने नहीं आया है। छोटी दुकान, भव्य मकान… कमाई के स्रोत की भी जांच पुलिस इस बात की भी पड़ताल कर रही है कि राजेश पोद्दार की काली चौक के पास छोटी सोना-चांदी की दुकान थी। इसके बावजूद पगड़ा गांव में भव्य मकान का निर्माण कराया जा रहा था। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि मकान के निर्माण में पैसा कहां से आया और क्या इसका कारोबारी की हत्या से कोई संबंध है। हालांकि पुलिस किसी एक एंगल को हत्या का कारण मानकर जांच नहीं कर रही है। मोबाइल में मिले लेनदेन, दुकान, मकान, जमीन और कारोबारी के संपर्क में रहे लोगों समेत कई बिंदुओं पर एक साथ जांच की जा रही है। मोबाइल में मिले लेनदेन के रिकॉर्ड से उम्मीद एसपी अरविंद प्रताप सिंह ने बताया कि घटना के बाद पुलिस ने कारोबारी का मोबाइल फोन और घटनास्थल से मिले अन्य साक्ष्यों को जब्त किया था। मोबाइल की जांच में कुछ लेनदेन से संबंधित जानकारी और अन्य साक्ष्य मिले हैं। इन सभी बिंदुओं के आधार पर पुलिस टीम अनुसंधान कर रही है। एसपी ने बताया कि मामले की जांच के लिए समस्तीपुर के नए ग्रामीण एसपी भी क्षेत्र में कैंप कर रहे हैं। पुलिस जल्द ही हत्याकांड का खुलासा करने के प्रयास में जुटी है। फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि राजेश पोद्दार की हत्या के पीछे वजह क्या थी—कारोबारी से जुड़ा कोई पुराना विवाद, आर्थिक लेनदेन, जमीन-मकान का मामला या फिर कोई अन्य कारण। पुलिस की जांच इन सभी सवालों के जवाब तलाश रही है।

