फतेहपुर पर्यावरण संरक्षण और खेतों की उर्वरता बनाए रखने की दिशा में जिला प्रशासन ने एक अहम कदम उठाया है।जिलाधिकारी निधि गुप्ता वत्स और मुख्य विकास अधिकारी पवन कुमार मीना ने फसल अवशेष प्रबंधन योजना के तहत किसानों को जागरूक करने के लिए प्रचार वाहन को मंगलवार के दिन 11 बजकर 15 मिनट पर हरी झंडी दिखाकर कलेक्ट्रेट परिसर से रवाना किया।इस अभियान का मुख्य उद्देश्य किसानों को पराली जलाने से होने वाले नुकसान के प्रति सचेत करना और उन्हें वैज्ञानिक तरीकों से फसल अवशेषों का प्रबंधन करने के लिए प्रेरित करना है।साथ ही उल्लंघन करने पर कार्यवाही की चेतावनी दी गई। इस अवसर पर जिलाधिकारी ने जनपद के समस्त किसानों से अपील की कि वे कटाई के बाद खेतों में फसल अवशेषों को बिल्कुल न जलाएं।उन्होंने स्पष्ट किया कि पराली जलाने से न केवल गंभीर वायु प्रदूषण फैलता है,बल्कि मिट्टी की प्राकृतिक उर्वरता भी कमजोर होती है। आग की तेज गर्मी से भूमि के अंदर मौजूद लाभकारी सूक्ष्मजीव नष्ट हो जाते हैं,जिससे दीर्घावधि में फसल उत्पादन पर बुरा असर पड़ता है।इसके साथ ही,इससे उठने वाला धुआं आम जनमानस के स्वास्थ्य के लिए भी अत्यंत हानिकारक होता है। जिलाधिकारी ने किसानों से आग्रह किया कि वे कृषि विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं का लाभ उठाएं और फसल अवशेष निस्तारण के लिए उपलब्ध आधुनिक कृषि यंत्रों का उपयोग करें।पराली को जलाने के बजाय उसे मिट्टी में मिलाकर सड़ाने या अन्य वैज्ञानिक उपायों को अपनाने से जमीन की उपजाऊ शक्ति बढ़ती है। प्रचार वाहन जिले के विभिन्न ग्रामीण अंचलों और ग्राम पंचायतों का भ्रमण करेगा,जिसके माध्यम से लाउडस्पीकर और नुक्कड़ प्रचार के जरिए किसानों को जागरूक किया जाएगा।वाहन के रूट इस प्रकार तैयार किए गए हैं ताकि अधिक से अधिक किसानों तक संदेश पहुंच सके।इस महत्वपूर्ण जागरूकता कार्यक्रम के दौरान उप निदेशक कृषि सहित कृषि विभाग और जिला प्रशासन के तमाम संबंधित अधिकारी प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।

