सिरेमिक नगरी मोरबी अब आध्यात्मिक नगरी बनने की ओर अग्रसर : सीएम

सिरेमिक नगरी मोरबी अब आध्यात्मिक नगरी बनने की ओर अग्रसर : सीएम

मोरबी. मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल रविवार को मोरबी में नवनिर्मित बीएपीएस स्वामीनारायण मंदिर के प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव में शामिल हुए। उन्होंने मंदिर में भगवान के दर्शन और पूजन-अर्चन कर राज्य के नागरिकों की सुख-समृद्धि, शांति और सर्वांगीण कल्याण के लिए प्रार्थना की। इसके बाद वे महोत्सव के अंतर्गत आयोजित भव्य धर्मसभा में शामिल हुए और साधु-संतों का आशीर्वाद प्राप्त किया।
धर्मसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सिरेमिक नगरी मोरबी अब आध्यात्मिक नगरी बनने की ओर अग्रसर है। स्वामीनारायण संप्रदाय सनातन धर्म और भारतीय संस्कृति के संरक्षण एवं संवर्धन के साथ उसे वैश्विक स्तर पर गौरव प्रदान कर रहा है। औद्योगिक विकास और सिरेमिक उद्योग के कारण विश्वभर में पहचान बनाने वाले मोरबी में नए मंदिर के निर्माण से शहर की सुंदरता और गौरव में वृद्धि हुई है।

विकसित भारत के लिए सामाजिक अभियानों में योगदान की अपील

मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘विकसित भारत @2047’ के संकल्प को साकार करने के लिए नागरिकों से सामूहिक प्रयास करने की अपील की। उन्होंने जल संरक्षण, ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत वृक्षारोपण, प्राकृतिक खेती, योग और स्वस्थ जीवनशैली को अपनाने पर जोर दिया। उन्होंने बीएपीएस संस्था द्वारा चलाए जा रहे नशामुक्त भारत अभियान की सराहना करते हुए नशामुक्ति के सामाजिक अभियान को और गति देने की अपील की। मुख्यमंत्री ने स्वामीनारायण संप्रदाय के श्रद्धालुओं से घर सभाओं और सामूहिक सत्संग सभाओं के माध्यम से विकसित भारत के संकल्पों के प्रति जनजागृति फैलाने की अपील भी की।

पूर्व राजमाता विजय कुंवरबा को दी पुष्पांजलि

मुख्यमंत्री ने मोरबी के पूर्व राजपरिवार की पूर्व राजमाता दिवंगत विजय कुंवरबा के निधन पर शोक व्यक्त किया। न्यू पैलेस पहुंचकर उन्होंने राजमाता के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित की और दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की। उन्होंने पूर्व राजपरिवार के सदस्यों पूर्व महाराजकुमारी रुक्मणीदेवी, द्रौपदीदेवी, उमादेवी और विशाल आदित्यसिंह जाडेजा सहित अन्य परिजनों से मुलाकात कर संवेदना व्यक्त की। उन्होंने मोरबी के जनकल्याण, पारंपरिक विरासत के संरक्षण और सामाजिक-सेवाभावी कार्यों में राजमाता के योगदान को भी याद किया।

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