बिहार विधान परिषद की 8 सीटों पर मतदान खत्म होने के बाद अब सबकी नजरें 27 अक्टूबर को आने वाले नतीजों पर टिकी हैं। बिहार MLC चुनाव के नतीजों से पहले JDU विधायक अनंत सिंह ने जीत का दावा किया है। इतना ही नहीं, उनके सरकारी आवास पर बड़े स्तर पर जश्न की तैयारी है। पटना स्थित सरकारी आवास पर टेंट लगाया जा रहा है। यहां मिठाइयां बनाने और जश्न की तैयारियां शुरू हो गई है। करीब 20 हजार लीटर दूध से 3 लाख रसगुल्ला तैयार किया जा रहा है। दरअसर, अनंत सिंह ने MLC चुनाव में अपनी ही पार्टी JDU के उम्मीदवार नीरज कुमार का खुलकर विरोध किया और जन सुराज के उम्मीदवार अनुज सिंह का समर्थन किया है। चुनावी परिणाम आने से पहले ही अनंत सिंह के आवास पर मिठाई बनाने के लिए हलवाई बुलाए जाने और टेंट-पंडाल लगाने की तैयारी को लेकर सियासी चर्चा तेज हो गई है। अनंत सिंह के आवास की तस्वीर…
चुनाव जीत चुके हैं, जनता पर पूरा भरोसा- अनंत सिंह अनंत सिंह ने चुनाव परिणाम घोषित होने से पहले ही अपनी जीत को लेकर पूरा भरोसा जताया है। उन्होंने कहा कि चुनाव खत्म हो चुका है और वह चुनाव जीत चुके हैं। उनका कहना है कि जब जनता उनके साथ है, तो जीत के बाद समर्थकों को मिठाई खिलाना सामान्य बात है। अनंत सिंह ने वोट खरीदने की चर्चाओं पर भी अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि वोट किसी दुकान में रखा सामान नहीं है, जिसे खरीदा जा सके। जनता ही उनकी मालिक और भगवान है। उन्हें भरोसा है कि लोगों ने उनके पक्ष में जमकर मतदान किया है। उन्होंने कहा कि 27 अक्टूबर को उनके आवास पर बधाई देने आने वाले लोगों का मिठाई खिलाकर स्वागत किया जाएगा। मेरे खिलाफ जो प्रचार कर रहे थे, उनका तबियत बिगड़ेगा- नीरज कुमार JDU MLC उम्मीदवार नीरज कुमार ने इशारों-इशारों में बड़ा हमला अनंत सिंह पर हमला बोला है। उन्होंने कहा, ‘ जो मेरे खिलाफ पार्टी के ही लोग प्रचार प्रसार कर रहे थे, राजनीति में उन लोगों का तबीयत खराब रहेगा, इतना मैं आस्वस्थ कर रहा हूं। कब खराब होगा हम नहीं जानते हैं, लेकिन इन लोगों का तबीयत पार्टी खराब कर देगी। एकदम 100% खराब रहेगा। नीरज कुमार ने आगे कहा, ‘चुनाव संपन्न हुआ। हमारे कार्यकर्ताओं की जीत हुई। सबसे महत्वपूर्ण विषय यह है कि नीतीश कुमार का संस्कार और जलवा उनके प्रति स्नेह तो रिकॉर्ड कायम कर दिया। राजनीति का जो अपराधीकरण, लंपटीकरण राजनीतिक विमर्श में अपराधियों की पहचान बन जाना यह राजनीति का दुर्भाग्य जनक पक्ष था। उसके खिलाफ आपार समर्थन मिला है, इसका गहरा असर आने वाला राजनीति पर पड़ेगा।’ अपनी ही पार्टी के उम्मीदवार के खिलाफ किया प्रचार इस चुनाव में अनंत सिंह की भूमिका भी चर्चा का विषय बनी हुई है। वह सत्ताधारी जनता दल यूनाइटेड (जदयू) के विधायक हैं, लेकिन पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में उन्होंने अपनी ही पार्टी के आधिकारिक उम्मीदवार था। एक ही पार्टी में रहते हुए दूसरे दल के उम्मीदवार को समर्थन देने के उनके फैसले ने पटना स्नातक सीट के मुकाबले को दिलचस्प बना दिया है। अनंत सिंह का तर्क है कि विधान परिषद का चुनाव विधानसभा चुनाव से अलग होता है। उनके मुताबिक, इस चुनाव में पार्टी के चुनाव चिह्न के बजाय उम्मीदवार की व्यक्तिगत छवि और पहचान भी महत्वपूर्ण होती है। मतदान के दिन भी दिखा सियासी तनाव 23 अक्टूबर को मतदान के दौरान पटना स्नातक सीट को लेकर राजनीतिक सरगर्मी बनी रही। इस बीच मोकामा क्षेत्र में जदयू उम्मीदवार नीरज कुमार और अनंत सिंह के समर्थकों के बीच झड़प और धक्का-मुक्की की खबरें भी सामने आईं। वहीं, मतदान खत्म होने के बाद अनंत सिंह के आवास के बाहर समर्थकों की ओर से आतिशबाजी और जश्न मनाए जाने की बात सामने आई। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस को भी सतर्क रहना पड़ा। जानकारी के मुताबिक, पुलिस ने अनंत सिंह के करीबी समर्थक छोटू सिंह समेत तीन लोगों को हिरासत में लिया। हालांकि, इन घटनाओं और हिरासत में लिए गए लोगों के संबंध में पुलिस के आधिकारिक बयान की पुष्टि जरूरी है। 27 अक्टूबर को खुलेगा उम्मीदवारों की किस्मत का पिटारा बिहार विधान परिषद की 8 सीटों के लिए 23 अक्टूबर को मतदान संपन्न हो चुका है। इनमें चार स्नातक निर्वाचन क्षेत्र-पटना, दरभंगा, तिरहुत और कोसी तथा चार शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र-पटना, दरभंगा, तिरहुत और सारण शामिल हैं। इन सीटों पर कुल 150 उम्मीदवार चुनाव मैदान में हैं। मतदान के बाद सभी उम्मीदवारों की किस्मत मतपेटियों में बंद हो गई है। अब 27 अक्टूबर को होने वाली मतगणना से चुनाव का वास्तविक परिणाम सामने आएगा। बिहार विधान परिषद की 8 सीटों पर मतदान खत्म होने के बाद अब सबकी नजरें 27 अक्टूबर को आने वाले नतीजों पर टिकी हैं। बिहार MLC चुनाव के नतीजों से पहले JDU विधायक अनंत सिंह ने जीत का दावा किया है। इतना ही नहीं, उनके सरकारी आवास पर बड़े स्तर पर जश्न की तैयारी है। पटना स्थित सरकारी आवास पर टेंट लगाया जा रहा है। यहां मिठाइयां बनाने और जश्न की तैयारियां शुरू हो गई है। करीब 20 हजार लीटर दूध से 3 लाख रसगुल्ला तैयार किया जा रहा है। दरअसर, अनंत सिंह ने MLC चुनाव में अपनी ही पार्टी JDU के उम्मीदवार नीरज कुमार का खुलकर विरोध किया और जन सुराज के उम्मीदवार अनुज सिंह का समर्थन किया है। चुनावी परिणाम आने से पहले ही अनंत सिंह के आवास पर मिठाई बनाने के लिए हलवाई बुलाए जाने और टेंट-पंडाल लगाने की तैयारी को लेकर सियासी चर्चा तेज हो गई है। अनंत सिंह के आवास की तस्वीर…
चुनाव जीत चुके हैं, जनता पर पूरा भरोसा- अनंत सिंह अनंत सिंह ने चुनाव परिणाम घोषित होने से पहले ही अपनी जीत को लेकर पूरा भरोसा जताया है। उन्होंने कहा कि चुनाव खत्म हो चुका है और वह चुनाव जीत चुके हैं। उनका कहना है कि जब जनता उनके साथ है, तो जीत के बाद समर्थकों को मिठाई खिलाना सामान्य बात है। अनंत सिंह ने वोट खरीदने की चर्चाओं पर भी अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि वोट किसी दुकान में रखा सामान नहीं है, जिसे खरीदा जा सके। जनता ही उनकी मालिक और भगवान है। उन्हें भरोसा है कि लोगों ने उनके पक्ष में जमकर मतदान किया है। उन्होंने कहा कि 27 अक्टूबर को उनके आवास पर बधाई देने आने वाले लोगों का मिठाई खिलाकर स्वागत किया जाएगा। मेरे खिलाफ जो प्रचार कर रहे थे, उनका तबियत बिगड़ेगा- नीरज कुमार JDU MLC उम्मीदवार नीरज कुमार ने इशारों-इशारों में बड़ा हमला अनंत सिंह पर हमला बोला है। उन्होंने कहा, ‘ जो मेरे खिलाफ पार्टी के ही लोग प्रचार प्रसार कर रहे थे, राजनीति में उन लोगों का तबीयत खराब रहेगा, इतना मैं आस्वस्थ कर रहा हूं। कब खराब होगा हम नहीं जानते हैं, लेकिन इन लोगों का तबीयत पार्टी खराब कर देगी। एकदम 100% खराब रहेगा। नीरज कुमार ने आगे कहा, ‘चुनाव संपन्न हुआ। हमारे कार्यकर्ताओं की जीत हुई। सबसे महत्वपूर्ण विषय यह है कि नीतीश कुमार का संस्कार और जलवा उनके प्रति स्नेह तो रिकॉर्ड कायम कर दिया। राजनीति का जो अपराधीकरण, लंपटीकरण राजनीतिक विमर्श में अपराधियों की पहचान बन जाना यह राजनीति का दुर्भाग्य जनक पक्ष था। उसके खिलाफ आपार समर्थन मिला है, इसका गहरा असर आने वाला राजनीति पर पड़ेगा।’ अपनी ही पार्टी के उम्मीदवार के खिलाफ किया प्रचार इस चुनाव में अनंत सिंह की भूमिका भी चर्चा का विषय बनी हुई है। वह सत्ताधारी जनता दल यूनाइटेड (जदयू) के विधायक हैं, लेकिन पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में उन्होंने अपनी ही पार्टी के आधिकारिक उम्मीदवार था। एक ही पार्टी में रहते हुए दूसरे दल के उम्मीदवार को समर्थन देने के उनके फैसले ने पटना स्नातक सीट के मुकाबले को दिलचस्प बना दिया है। अनंत सिंह का तर्क है कि विधान परिषद का चुनाव विधानसभा चुनाव से अलग होता है। उनके मुताबिक, इस चुनाव में पार्टी के चुनाव चिह्न के बजाय उम्मीदवार की व्यक्तिगत छवि और पहचान भी महत्वपूर्ण होती है। मतदान के दिन भी दिखा सियासी तनाव 23 अक्टूबर को मतदान के दौरान पटना स्नातक सीट को लेकर राजनीतिक सरगर्मी बनी रही। इस बीच मोकामा क्षेत्र में जदयू उम्मीदवार नीरज कुमार और अनंत सिंह के समर्थकों के बीच झड़प और धक्का-मुक्की की खबरें भी सामने आईं। वहीं, मतदान खत्म होने के बाद अनंत सिंह के आवास के बाहर समर्थकों की ओर से आतिशबाजी और जश्न मनाए जाने की बात सामने आई। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस को भी सतर्क रहना पड़ा। जानकारी के मुताबिक, पुलिस ने अनंत सिंह के करीबी समर्थक छोटू सिंह समेत तीन लोगों को हिरासत में लिया। हालांकि, इन घटनाओं और हिरासत में लिए गए लोगों के संबंध में पुलिस के आधिकारिक बयान की पुष्टि जरूरी है। 27 अक्टूबर को खुलेगा उम्मीदवारों की किस्मत का पिटारा बिहार विधान परिषद की 8 सीटों के लिए 23 अक्टूबर को मतदान संपन्न हो चुका है। इनमें चार स्नातक निर्वाचन क्षेत्र-पटना, दरभंगा, तिरहुत और कोसी तथा चार शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र-पटना, दरभंगा, तिरहुत और सारण शामिल हैं। इन सीटों पर कुल 150 उम्मीदवार चुनाव मैदान में हैं। मतदान के बाद सभी उम्मीदवारों की किस्मत मतपेटियों में बंद हो गई है। अब 27 अक्टूबर को होने वाली मतगणना से चुनाव का वास्तविक परिणाम सामने आएगा।

