सोनीपत के सेक्टर-14 में चिंतपूर्णी मंदिर के पास पटाखा फटने से 3 बच्चे झुलस गए। घायल बच्चों की पहचान श्रद्धा (13), रिहान (10) और रौनक (7) के रूप में हुई है। तीनों आपस में भाई-बहन हैं। हादसे के बाद परिजन उन्हें इलाज के लिए नागरिक अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों की निगरानी में उनका इलाज चल रहा है। जानकारी के अनुसार, तीनों बच्चे खेलते समय कहीं से एक बड़ा पटाखा उठाकर लाए थे। बताया जा रहा है कि उन्होंने पटाखे से बारूद निकालकर उसे कागजों के साथ जलाने का प्रयास किया। कागज जलने के बाद जब पटाखे से कोई आवाज नहीं आई तो बच्चे उसे देखने के लिए पास पहुंच गए। इसी दौरान अचानक पटाखा फट गया और तीनों के चेहरे झुलस गए। बच्चों को खेलते समय मिला था पटाखा बच्चों के ताऊ विजय कुमार ने बताया कि तीनों भाई-बहन एक साथ खेल रहे थे। इसी दौरान उन्हें कहीं से पटाखा मिला। बच्चे उसके साथ खेलने लगे और उसे जलाने लगे। जब आवाज नहीं आई तो वे झुककर पटाखे को देखने लगे। तभी अचानक उसमें धमाका हो गया और तीनों बच्चे उसकी चपेट में आ गए। 5-6 साल से रह रहा परिवार विजय कुमार के अनुसार, उनका परिवार मूल रूप से उत्तराखंड का रहने वाला है। परिवार पिछले पांच से छह वर्षों से सोनीपत के सेक्टर-14 में चिंतपूर्णी मंदिर के पास रह रहा है। हादसे के बाद परिवार में चिंता का माहौल है। परिजन बच्चों के जल्द स्वस्थ होने की उम्मीद कर रहे हैं।

