कोच्चि पुलिस ने खुद को इटली की एक कंपनी के प्रतिनिधि बताकर लुलु ग्रुप से करीब 1.64 करोड़ रुपये की ठगी करने वाले अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों ने शनिवार को यह जानकारी दी। पुलिस ने शुक्रवार को लुलु ग्रुप के कानूनी प्रबंधक दीपक श्रीधर नायर की शिकायत के आधार पर साइबर अपराध थाने में भारतीय न्याय संहिता और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की।
प्राथमिकी के अनुसार, यह धोखाधड़ी इस साल दो से 29 सितंबर के बीच हुई। इस दौरान अज्ञात लोगों ने इटली की कंपनी आईई पार्क एसआरएल के ईमेल से मिलते-जुलते फर्जी ईमेल पते बनाए। इस कंपनी का लुलु ग्रुप के साथ लंबे समय से कारोबारी संबंध है।
प्राथमिकी में कहा गया है कि आरोपियों ने खुद को इटली की कंपनी के प्रतिनिधि बताकर फर्जी ईमेल पतों के जरिए लुलु ग्रुप से संपर्क किया। प्राथमिकी के अनुसार उन्होंने खरीदे गए गेमिंग उपकरणों की बकाया रकम के भुगतान के लिए बिल और बैंक खाते की जानकारी भेजी। प्राथमिकी में कहा गया है कि इन ईमेल को असली समझकर लुलु ग्रुप ने ठगों द्वारा दिए गए बैंक खातों में 1,50,500 यूरो (लगभग 1.64 करोड़ रुपये) भेज दिए।
पुलिस ने बताया कि आरोपियों ने कथित तौर पर फर्जी इलेक्ट्रॉनिक संदेशों और किसी दूसरे की पहचान का इस्तेमाल करके लुलु ग्रुप को आर्थिक नुकसान पहुंचाया और खुद गलत तरीके से आर्थिक लाभ हासिल किया। पुलिस ने बताया कि आरोपियों की पहचान अभी नहीं हो पाई है और मामले की जांच जारी है। एम. ए. यूसुफ अली के नेतृत्व वाले लुलु ग्रुप का दुनियाभर में कारोबार है, खासकर पश्चिम एशिया के देशों में।
यह ग्रुप भारत के कई राज्यों में भी काम करता है। इस घटना पर लुलु ग्रुप की ओर से अभी तक कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है।

