जदयू नेता नीरज कुमार ने पार्टी के उन सदस्यों को चेतावनी दी है जिन्होंने चुनाव के दौरान उनके खिलाफ प्रचार किया था। उन्होंने कहा कि पार्टी इन लोगों की तबीयत खराब कर देगी, उन्होंने यह तो नहीं बताया कि ऐसा कब होगा, लेकिन कहा कि ऐसा जरूर होगा।
बिहार विधान परिषद (MLC) चुनाव के लिए मतदान संपन्न हो गया है। जिसके बाद अब जदयू उम्मीदवार नीरज कुमार ने अपने विरोधियों और बाहुबली विधायक अनंत सिंह पर बिना नाम लिए हमला बोला है। नीरज कुमार ने चेतावनी देते हुए कहा कि जिन लोगों ने चुनाव के दौरान पार्टी लाइन के खिलाफ काम किया और उनके विरोधियों का समर्थन किया, आने वाले दिनों में राजनीति में उनकी तबीयत खराब होना तय है। उन्होंने कहा कि यह चुनाव केवल जीत या हार का मामला नहीं था, बल्कि यह राजनीति के अपराधीकरण के खिलाफ जनता का जनादेश था।
तबीयत कब खराब होगी नहीं जानते, लेकिन पार्टी 100% इलाज करेगी – नीरज कुमार
अपनी ही पार्टी के सदस्यों द्वारा भीतरघात किए जाने के सवाल पर नीरज कुमार ने कहा कि चुनाव में पार्टी के जिन लोगों ने उनके खिलाफ प्रचार-प्रसार किया, वे इतना आश्वस्त रहें कि राजनीति में उन लोगों का स्वास्थ्य और तबीयत अब लगातार खराब रहने वाला है।हालांकि उन्होंने यह नहीं बताया कि कब या किस रूप में कार्रवाई की जाएगी, लेकिन उन्होंने कहा कि पार्टी ऐसे लोगों की तबीयत पूरी तरह खराब कर देगी और इसका असर 100 फीसदी तय है।
अनंत सिंह ने नीरज कुमार के विरोध में किया था प्रचार
बता दें कि पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के लिए हुए एमएलसी चुनाव के दौरान जदयू उम्मीदवार नीरज कुमार और जदयू विधायक अनंत सिंह के बीच टकराव देखने को मिला था। अनंत सिंह ने नीरज कुमार के विरोध में जन सुराज के उम्मीदवार अनुज सिंह के समर्थन में प्रचार किया। अनंत सिंह ने तो सार्वजनिक रूप से नीरज कुमार को हराने की अपील भी की थी। ऐसे में चुनाव के बाद नीरज कुमार की ओर से पार्टी के भीतर उनके खिलाफ प्रचार करने वालों को लेकर दिया गया बयान सीधे तौर पर अनंत सिंह और उनसे जुड़े उन समर्थकों से जोड़ कर देखा जा रहा है। हालांकि, उन्होंने किसी नेता का नाम नहीं लिया।
नीतीश कुमार की तारीफ की
अपनी जीत को लेकर आश्वस्त नीरज कुमार ने इसका श्रेय पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की नीतियों और पार्टी कार्यकर्ताओं के समर्पण को दिया। उन्होंने कहा कि चुनाव में कार्यकर्ताओं की निष्ठा की जीत हुई है। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि नीतीश कुमार के राजनीतिक मूल्यों, जन कल्याण के प्रति उनकी प्रतिबद्धता और पार्टी कार्यकर्ताओं के बीच उनका जलवा एक बार फिर साबित हुआ, जिसने समर्थन का नया रिकॉर्ड कायम कर दिया। उन्होंने कहा कि कार्यकर्ताओं का नीतीश कुमार के प्रति अटूट स्नेह ही इस चुनाव की सबसे बड़ी ताकत बनकर उभरा है।

