बहराइच जिले की एक विशेष पॉक्सो अदालत ने 10 वर्षीय बच्चे से दुष्कर्म के ढाई साल पुराने मामले में एक व्यक्ति को 20 साल के कठोर कारावास और 30,000 रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई है। विशेष जिला लोक अभियोजक (पॉक्सो) संत प्रताप सिंह ने शनिवार को बताया कि विशेष अपर सत्र न्यायाधीश (पॉक्सो न्यायालय) अरविंद कुमार गौतम ने शुक्रवार को रानीपुर थाना क्षेत्र के निवासी गरीबे को दोषी करार देते हुए यह सजा सुनाई। अभियोजन के अनुसार, 29 अप्रैल 2024 की रात करीब आठ बजे गरीबे रानीपुर थाना क्षेत्र के एक गांव में रहने वाले 10 वर्षीय बच्चे के घर पहुंचा और उसे खेत में ले जाकर उसके साथ दुष्कर्म किया।
घटना के संबंध में अगले दिन रानीपुर थाने में भारतीय दंड संहिता की धारा 377 (अप्राकृतिक यौन संबंध) और लैंगिक अपराधों से बच्चों का संरक्षण (पॉक्सो) अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया था। सिंह ने बताया कि पुलिस ने जांच पूरी करने के बाद 25 मई 2024 को अदालत में आरोपपत्र दाखिल किया था। अभियोजन के मुताबिक, अदालत ने गरीबे को अप्राकृतिक दुष्कर्म और पॉक्सो अधिनियम के तहत दोषी ठहराते हुए शुक्रवार को 20 साल के कठोर कारावास और 30,000 रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई।
जुर्माना अदा नहीं करने पर उसे अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।

