Siddaramaiah Police Complaint: कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सिद्धारमैया ने अपने खिलाफ कथित फर्जी स्टिंग ऑपरेशन वीडियो को लेकर पुलिस में औपचारिक शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने आरोप लगाया कि वीडियो को एडिट करके उन्हें ब्लैकमेल करने और उनकी छवि खराब करने की कोशिश की गई है। सिद्धारमैया ने बताया कि उन्होंने वीडियो के प्रसार पर रोक लगाने के लिए सिविल कोर्ट से निषेधाज्ञा भी हासिल की है।
शुक्रवार को मैसूरु में पत्रकारों से बातचीत के दौरान सिद्धारमैया ने कहा कि उन्हें इस मामले में पुलिस जांच पर पूरा भरोसा है। उन्होंने मांग की कि जांच निष्पक्ष तरीके से हो, ताकि वीडियो के पीछे शामिल लोगों की पहचान हो सके और जनता के सामने सच्चाई आ सके।
‘अब सत्ता में नहीं हूं, इसलिए रची जा रही साजिश’
सिद्धारमैया ने आरोप लगाया कि जब वह मुख्यमंत्री थे, तब उन्हें इस तरह ब्लैकमेल करने की कोई घटना सामने नहीं आई, लेकिन अब सत्ता में नहीं रहने के बाद उनके खिलाफ ऐसी साजिश की जा रही है। उन्होंने कहा, “यह झूठा मामला है। मुझे ब्लैकमेल करने के इरादे से ऐसा किया गया है। इसलिए मैंने खुद शिकायत दर्ज कराई, ताकि सच्चाई सामने आए और लोगों को पता चले कि इसके पीछे कौन है।” उन्होंने आगे कहा कि वह आठ साल तक मुख्यमंत्री रहे, लेकिन उस दौरान ऐसी कोई घटना नहीं हुई। अब सत्ता में नहीं होने के कारण उन्हें निशाना बनाया जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि यह वीडियो पूरी तरह मनगढ़ंत है और इसे फैलाकर उनकी छवि खराब करने की कोशिश की गई है।
वीडियो में दो लोगों के शामिल होने का दावा
सिद्धारमैया ने दावा किया कि दक्षिण कन्नड़ की कृपा अल्वा और राकेश शेट्टी नाम के दो लोग वीडियो में दिखाई दिए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि राकेश शेट्टी ने खुद स्वीकार किया है कि यह वीडियो बनाया गया था। हालांकि, वीडियो बनाने और उसके पीछे की कथित साजिश को लेकर लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि होना अभी बाकी है। पुलिस जांच के बाद ही इस मामले में वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
26 सितंबर को मिली थी वीडियो की जानकारी
पूर्व मुख्यमंत्री ने बताया कि उन्हें इस कथित वीडियो के बारे में 26 सितंबर को जानकारी मिली थी। उन्होंने कहा कि उन्होंने अपने चार दशक लंबे राजनीतिक जीवन में कभी ऐसा अनुभव नहीं किया और उन्हें सच्चाई सामने आने का भरोसा है। सिद्धारमैया ने कहा कि उन्हें न तो इस मामले से डर लग रहा है और न ही वह परेशान हैं। उनके मुताबिक, जांच से यह स्पष्ट होना चाहिए कि वीडियो किसने तैयार किया और इसके पीछे किसका हाथ है।
कांग्रेस या विपक्ष के नेताओं की भूमिका की भी जांच हो
जब सिद्धारमैया से पूछा गया कि क्या इस कथित स्टिंग ऑपरेशन के पीछे कांग्रेस के ही कुछ नेता या विपक्षी दलों के लोग हो सकते हैं, तो उन्होंने कहा कि जांच में यह पता लगाया जाना चाहिए कि इसके पीछे उनकी पार्टी के लोग हैं या दूसरी पार्टियों के। उन्होंने किसी राजनीतिक दल या व्यक्ति को सीधे तौर पर जिम्मेदार ठहराने के बजाय जांच के जरिए सच्चाई सामने लाने की बात कही।

