एसएन मेडिकल कॉलेज में अब मरीजों की सीटी स्कैन, एमआरआई और डिजिटल एक्स-रे की इमेज डिजिटल माध्यम से तुरंत उपलब्ध हो सकेंगी। इससे जांच की रिपोर्टिंग में लगने वाला समय कम करने और इमरजेंसी में मरीजों का इलाज जल्द शुरू करने में मदद मिलेगी। कॉलेज के रेडियोडायग्नोसिस विभाग में शुक्रवार को PACS (पिक्चर आर्काइविंग एंड कम्युनिकेशन सिस्टम) सेवा की शुरुआत की गई। प्राचार्य डॉ. प्रशांत गुप्ता ने फीता काटकर इसका उद्घाटन किया। नई व्यवस्था के तहत रेडियोलॉजी की इमेज डिजिटल सिस्टम पर देखी जा सकेंगी। इससे मरीजों और डॉक्टरों को जांच की फिल्मों का इंतजार करने की जरूरत कम होगी। इमरजेंसी, आईसीयू और अस्पताल के अन्य वार्डों में तैनात डॉक्टर भी कंप्यूटर या डिजिटल स्क्रीन पर मरीज की जांच की इमेज देखकर इलाज के संबंध में निर्णय ले सकेंगे। पुरानी जांच की इमेज भी रहेंगी सुरक्षित PACS सिस्टम के जरिए मरीजों की रेडियोलॉजी इमेज और रिकॉर्ड डिजिटल रूप में सुरक्षित रखे जा सकेंगे। इससे मरीज के दोबारा अस्पताल आने पर पुरानी जांच से तुलना करने में सुविधा होगी। साथ ही, डिजिटल माध्यम से इमेज साझा होने के कारण एक्स-रे और सीटी स्कैन की फिल्मों पर निर्भरता भी कम होगी। डॉक्टरों के बीच बेहतर होगा तालमेल प्राचार्य एवं डीन डॉ. प्रशांत गुप्ता ने कहा कि कॉलेज मरीजों को आधुनिक और बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए लगातार प्रयास कर रहा है। PACS सेवा शुरू होने से जांच प्रक्रिया तेज करने के साथ ही अस्पताल के विभिन्न विभागों के बीच समन्वय बेहतर बनाने में मदद मिलेगी। रेडियोडायग्नोसिस विभागाध्यक्ष डॉ. हरि सिंह ने कहा कि PACS डिजिटल हेल्थकेयर की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। इससे विभाग की कार्यकुशलता बढ़ेगी और मरीजों को जांच की इमेज उपलब्ध कराने में सुविधा होगी। ये रहे मौजूद उद्घाटन के अवसर पर उप प्राचार्य डॉ. टीपी सिंह, प्रमुख अधीक्षक डॉ. ब्रजेश शर्मा, डॉ. अंकुर गोयल, डॉ. शैलेंद्र चौधरी, डॉ. पंकज कुमार, डॉ. अखिल प्रताप सिंह, डॉ. निखिल शर्मा, डॉ. करिश्मा गुप्ता, डॉ. अजय श्रीवास्तव, डॉ. वीपी पांडेय सहित रेजिडेंट डॉक्टर और पैरामेडिकल स्टाफ मौजूद रहे।

