जिला पठानकोट के सुजानपुर ठंडी खुई इलाके में सीवरेज कार्य के लिए खोदे गए 10 फीट गहरे गड्ढे में गिरकर शेरपुर निवासी सुधीर सलारिया रात भर मौत से जूझते रहे। हादसे के दौरान सिर और शरीर में चोट लगने के कारण वह बेहोश हो गए थे और पूरी रात गड्ढे के भीतर ही फंसे रहे। सुधीर गड्ढे में साढ़े 5 घंटे बेहोश रहा। सुबह जब उन्हें साढ़े 4 बजे होश आया तो उन्होंने ‘बचाओ-बचाओ’ की आवाजें लगानी शुरू कीं। इसी दौरान प्रभात फेरी के लिए जा रही महिलाओं की नजर उन पर पड़ी, जिनकी सूझबूझ और पुलिस की त्वरित कार्रवाई से सुधीर को सकुशल बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाया गया। 42 वर्षीय सुधीर सुजानपुर के गांव शेरपुर के रहने वाले हैं और सुजानपुर के एक शराब ठेके पर काम करते हैं। रात को सुधीर ठेके से छुट्टी कर अपने घर शेरपुर ही लौट रहे थे कि रास्ते में हादसा हो गया। सुधीर के शरीर पर अंदरूनी चोटें आई हैं। रात के अंधेरे में हुआ हादसा, सुबह होश आने पर मांगी मदद शेरपुर निवासी सुधीर सलारिया ने बताया कि बुधवार रात साढ़े 11 बजे वे अपने घर लौट रहे थे। ठंडी खुई के पास सड़क पर सीवरेज पाइपलाइन बिछाने के लिए 10 फीट गहरा गड्ढा खोदा गया था। अंधेरे के कारण सुधीर का संतुलन बिगड़ा और वह सीधे गहरे गड्ढे में जा गिरे। गिरने के तेज झटके से वह बेहोश हो गए। सुबह करीब 4 बजे प्रभात फेरी निकाल रही महिलाएं वहां से गुजरीं, तो गड्ढे के अंदर से कराहने और ‘बचाओ-बचाओ’ की आवाजें सुनाई दीं। महिलाओं ने तुरंत इसकी सूचना स्थानीय पुलिस को दी। पुलिस ने सीढ़ी की मदद से निकाला बाहर, अस्पताल में भर्ती सूचना मिलते ही सुजानपुर पुलिस की टीम तुरंत मौके पर पहुंची। पुलिस कर्मचारियों ने बिना देर किए सीढ़ी की व्यवस्था की और गड्ढे में उतरकर सुधीर सलारिया को सुरक्षित बाहर निकाला। उन्हें तत्काल नजदीकी सरकारी अस्पताल में उपचार के लिए भर्ती कराया गया, जहां उनकी हालत अब खतरे से बाहर बताई जा रही है। न बैरिकेडिंग, न ही कोई चेतावनी बोर्ड इस घटना ने सीवरेज निर्माण कार्य करा रहे नगर कौंसिल सुजानपुर और ठेकेदारों की गंभीर लापरवाही को उजागर कर दिया है। स्थानीय निवासियों रजत, अमित और लक्की का कहना है कि नगर कौंसिल ने सीवरेज के लिए जगह-जगह गहरे गड्ढे खोद दिए गए हैं, लेकिन सुरक्षा के लिए कोई बैरिकेडिंग या रिफ्लेक्टर टैप नहीं लगाए गए हैं। रात के समय हादसों से बचाने के लिए कोई लाइटिंग या चेतावनी बोर्ड का इंतजाम नहीं किया गया है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि लापरवाह ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई की जाए और सभी निर्माणाधीन स्थानों पर तुरंत सुरक्षा प्रबंध पुख्ता किए जाएं ताकि भविष्य में कोई बड़ा हादसा न हो।

