आगरा के ताजगंज स्थित मोक्षधाम में कुत्ते का अंतिम संस्कार कराए जाने के आरोप को लेकर विवाद सामने आया है। मामले में शिकायत मिलने के बाद ताजगंज पुलिस ने श्मशान घाट कमेटी के अज्ञात पदाधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ FIR दर्ज की है। शिकायतकर्ता का आरोप है, उसने मौके पर कुत्ते की चिता जलते देख विरोध किया तो कमेटी के लोगों ने उसके साथ गाली-गलौज की और मारपीट करने पर उतारू हो गए। उनका कहना है, ये इंसान की चिताओं का अपमान है। जहां इंसान की चिताएं जल रही हैं, वहीं कुत्ते की चिता जलाया जाना शर्मनाक है। शव का अंतिम संस्कार कराने पहुंचे थे शिकायतकर्ता
आगरा कैंट के मुस्तफा क्वार्टर निवासी अनुपम पंडित अपने परिचित के शव का अंतिम संस्कार कराने ताजगंज मोक्षधाम पहुंचे थे। इसी दौरान उन्होंने वहां हिंदुओं के शवों का अंतिम संस्कार करने वाले स्थान पर कुत्ते की चिता जलती देखी। शिकायतकर्ता ने मौके पर मौजूद कमेटी के लोगों से इस बारे में आपत्ति जताई। विरोध करने पर अभद्रता का आरोप
शिकायत में आरोप लगाया गया है कि आपत्ति जताने पर कमेटी के लोगों ने गाली-गलौज की और मारपीट पर उतारू हो गए। शिकायतकर्ता के मुताबिक, वहां मौजूद एक कर्मचारी ने भी कुत्ते को जलाए जाने की बात स्वीकार की। इसके बाद उन्होंने पुलिस से श्मशान घाट कमेटी के पदाधिकारियों, प्रबंधक और संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। इन धाराओं में दर्ज हुआ मुकदमा
पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, ताजगंज थाने में 21 अक्टूबर 2026 को FIR संख्या 0390 दर्ज की गई। मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 301 और 352 लगाई गई हैं। FIR में आरोपियों के नाम के स्थान पर श्मशान घाट कमेटी के अज्ञात पदाधिकारियों और कर्मचारियों का उल्लेख है। कर्मचारी ने किया कबूल
अनुपम पंडित ने मौके पर एक कर्मचारी को पकड़ा। उन्होंने उसका वीडियो भी बनाया है। सईद नाम के इस कर्मचारी ने कबूल किया है कि उसने यहां एक कुत्ते की चिता जलाई। इस वीडियो में वह कहते हुए सुना जा सकता है कि सुबह लगभग 10 बजे उसने कुत्ते की चिता जलाई थी। शिकायकर्ता ने डांटते हुए उससे कहा कि तुझे पता नहीं कि ये हिंदुओं की चिता जलाए जाने की जगह है, फिर भी तूने यहां कुत्ते को क्यों जलाया। इस पर वह शिकायतकर्ता से हाथ जोड़कर माफी मांगता नजर आ रहा है।

