उत्तर प्रदेश में मौसम का मिजाज तेजी से बदलने लगा है। पछुआ हवाओं और आसमान साफ रहने के बीच तापमान में गिरावट दर्ज की जा रही है। सुबह और देर शाम हल्की सिहरन महसूस होने लगी है, जबकि सूरज ढलने के बाद ठंड का असर बढ़ रहा है। मौसम में बदलाव के साथ ही प्रदेश के कई शहरों में वायु प्रदूषण भी बढ़ने लगा है। पछुआ हवाओं से गिर रहा तापमान, दीपावली तक बढ़ेगी ठंड
मौसम में बदलाव का असर अब दिन और रात के तापमान पर दिखने लगा है। दिन में धूप निकलने के बावजूद सुबह और शाम के समय मौसम अपेक्षाकृत ठंडा महसूस हो रहा है। सूरज अस्त होते ही तापमान में गिरावट आने से रात में ठंड का अहसास बढ़ जाता है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, उत्तर-पश्चिमी शुष्क हवाओं के सक्रिय होने से वातावरण में नमी कम हो रही है। इसके चलते तापमान में गिरावट का सिलसिला जारी रहने की संभावना है।
आने वाले दिनों में अधिकतम और न्यूनतम तापमान में दो से तीन डिग्री सेल्सियस तक की और गिरावट हो सकती है। पश्चिमी विक्षोभ और पहाड़ी क्षेत्रों में होने वाले मौसमी बदलावों का असर भी मैदानी इलाकों के मौसम पर पड़ सकता है। इससे दीपावली के आसपास सुबह और रात की ठंड बढ़ने के आसार हैं। ठंड के साथ बढ़ा प्रदूषण, कई शहरों की हवा खराब
तापमान में गिरावट और मौसम में बदलाव के बीच प्रदेश के कई शहरों में वायु प्रदूषण का स्तर भी बढ़ रहा है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के आंकड़ों के आधार पर उपलब्ध जानकारी में गाजियाबाद और ग्रेटर नोएडा की स्थिति सबसे चिंताजनक बताई गई है। यहां AQI 230 से 270 के पार दर्ज किया गया है। लखनऊ में यह करीब 185, वाराणसी में 175 से 178, प्रयागराज में 135 से 165 और नोएडा में लगभग 160 बताया गया है। हवा में क्यों बढ़ रहे धूल-धुएं के कण? मौसम वैज्ञानिक मनोज श्रीवास्तव ने कहा – हवा की गति कम होने पर धूल, धुएं और अन्य प्रदूषक कण वातावरण में अधिक समय तक बने रह सकते हैं। वाहनों से निकलने वाला धुआं, निर्माण कार्यों से उड़ने वाली धूल और अन्य प्रदूषण स्रोत हवा की गुणवत्ता को प्रभावित करते हैं। मौसम में ठंडक बढ़ने के साथ हवा का फैलाव सीमित होने पर कुछ क्षेत्रों में प्रदूषकों का जमाव भी बढ़ सकता है। यूपी में मानसूनी सीजन में कहां-कहां कम बारिश हुई? ग्राफिक में देखिए यूपी में मानसूनी सीजन में कहां-कहां ज्यादा बारिश हुई? ग्राफिक में देखिए भारी बारिश के बाद क्या ठंड भी कड़ाके की होगी, गीजर, ब्लोअर का मार्केट कैसा रहेगा मौसम विभाग का अनुमान था कि इस साल यूपी में कम बारिश होगी। लेकिन, 26 सितंबर को मौसम विभाग ने बताया कि यूपी में तय कोटे से 2% ज्यादा बारिश हुई है। इतना ही नहीं, वाराणसी, प्रयागराज, बहराइच, उन्नाव, बाराबंकी जैसे 32 जिलों में बाढ़ के हालात हैं। अब आम आदमी अनुमान लगा रहा है कि लगातार बारिश की वजह से इस साल सर्दियां जल्दी आ जाएंगी। तो क्या अलनीनो का असर खत्म हो गया है? वाकई सर्दियां जल्दी शुरू हो जाएंगी? इस साल हाड़ कंपा देने वाली सर्दी पड़ेगी या सामान्य रहेगी? पढ़िए यूपी एक्सप्लेनर में…

