श्रीरामवल्लभाकुंज के प्रमुख स्वामी राजकुमार दास अयोध्या सहित देश के संत समाज का चर्चित नाम है। वे श्रीराममंदिर धार्मिक समिति के सदस्य होने के साथ नित्य सरयू महाआरती समिति के संरक्षक भी हैं।उन्होंने 28 साल बाद अपने वस्त्र का रंग बदल दिया है। अब वे सफेद की जगह कासाय रंग के वस्त्र धारण कर रहे हैं।उनके वस्त्र का रंग बदलना धर्म जगत सहित अयोध्या में चर्चा का विषय बना हुआ है।उनमें यह परिर्वन नवरात्र के दौरान आया।इसके बाद जब वे 20 अक्टूबर को अयोध्या पहुंचे तो उन्हें देखकर लोग मुस्करा उठे। जगदगुरु रामानंदाचार्य स्वामी रामदिनेशाचार्य ने कहा कि स्वामी जी यह परिवर्तन चाहे जिस कारण से हो पर यह रंग आप पर बहुत ही सुंदर लग रहा है। इस स्वामी राजकुमार दास ने कहा कि आप सबकी इच्छा है तो इसका पालन किया जाएगा। बताते चले कि स्वामी राजकुमार दास की की आयु करीब 55 साल है।वे किशोरा वस्था में साधु बने।इसके बाद वे लाल,सफेद और पीले रंग के वस्त्र पहनते रहे।लेकिन पिछले 28 साल से वे केवल सफेद रंग के वस्त्र की पहन रहे थे।अचानक उनके अंदर आया यह परिवर्तन कौतूहल का कारण बना हुआ है। स्वामी राजकुमार दास के इस परिवर्तन को सीएम योगी आदित्यनाथ और आगामी विधानसभा चुनाव से भी जोड़ देखा जा रहा है।सीएम योगी गोरक्ष पीठ के परमाचार्य हैं।उनके सीएम बनने के बाद उनके समर्थक संतों ने अनेक लोगों ने उनके रंग के वस्त्र पहनने आरंभ कर दिए।अब स्वामी राजकुमार दास के परिवर्तन को भी सीएम से जोड़कर देखा जा रहा है। स्वामी राजकुमार दास सीएम के चहेते संतों में शुमार हैं।वे जब भी यहां आते हैं तो उनके मिलने वाले प्रमुख महंतों में स्वामी राजकुमार दास प्रमुख हैं। दूसरी ओर स्वामी राजकुमार दास कहते हैं कि वे नवरात्र के दौरान महाराष्ट्र के नासिक में त्रयंबकेश्वर महादेव के दर्शन करने गए हुए थे।मंदिर के गर्भगृह में जाकर पूजन करने के लिए कासाय रंग के वस्त्र जो सिले हुए नहीं हो धारण करना अनिवार्य है।इसके चलते उन्होंने यह वस्त्र धारण किए। उनके पास केवल सफेद रंग के ही वस्त्र थे। उनको वहां यह वस्त्र आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी संविदानंद महाराज कैलाश मठ, नासिक की ओर से दिए गए।इसके बाद उनकी ओर से इस रंग के वस्त्र के 5 सेट दिए गए हैं।इसके बाद से कासाय रंग के वस्त्र धारण कर रहे हैं।इसका और कोई मतलब नहीं निकाला जाना चाहिए।

