सेक्टर-33 में इस्कॉन मंदिर के पास एलिवेटेड रोड पर दोबारा गड्ढा होने के बाद नोएडा प्राधिकरण ने तकनीकी जांच शुरू करा दी है। सड़क की कंक्रीट हटने से नीचे का स्टील स्ट्रक्चर सामने आने की बात सामने आई है। ऐसे में सड़क की सतह और उसके नीचे बने ढांचे की स्थिति की जांच की जाएगी। आईआईटी रुड़की और ब्रिज कॉरपोरेशन के इंजीनियर तकनीकी परीक्षण करेंगे। जांच के बाद ही स्पष्ट होगा कि सड़क पर गड्ढा होने की असली वजह क्या है और स्ट्रक्चर को कितना नुकसान पहुंचा है। बता दे सेक्टर-27 से सेक्टर-60 तक बनी करीब 4.8 किलोमीटर लंबी एलिवेटेड रोड पर सेक्टर-33 के सामने सेक्टर-18 की ओर जाने वाली सड़क पर गड्ढा हो गया। प्राधिकरण ने मौके पर बैरिकेडिंग कराकर यातायात को सुरक्षित रखने की व्यवस्था की।
गड्ढे के कारण सेक्टर-61 की ओर से आने वाले वाहन चालकों को परेशानी हुई। एलिवेटेड रोड की करीब दो लेन में यातायात प्रभावित रहा। मरम्मत के बाद दोबारा हुई समस्या
इस जगह रविवार को सड़क की ऊपरी बिटुमिन परत धंस गई थी। प्राधिकरण ने मरम्मत कराने के बाद वाहनों का आवागमन शुरू करा दिया था। इसके बावजूद मंगलवार को दोबारा गड्ढा होने से सड़क की गुणवत्ता और मरम्मत की स्थिति पर सवाल उठने लगे हैं। प्राधिकरण के इंजीनियरों के अनुसार गड्ढा करीब आधा वर्ग मीटर क्षेत्र में हुआ है। सड़क की ऊपरी परत के साथ नीचे की रोड़ी-गिट्टी और अन्य हिस्सों के टूटने या धंसने से समस्या बढ़ सकती है। बीच एलिवेटेड रोड पर गड्ढे की वजह स्पष्ट नहीं
एलिवेटेड रोड के बीचों बीच गड्ढा होने की वजह शुरुआती स्तर पर स्पष्ट नहीं हो सकी है। इंजीनियर भी इसका कारण तलाश नहीं पाए। अब आईआईटी रुड़की और ब्रिज कॉरपोरेशन की तकनीकी जांच में सड़क की ऊपरी परत, कंक्रीट और नीचे के स्टील स्ट्रक्चर की स्थिति देखी जाएगी। जांच में यह भी स्पष्ट होने की उम्मीद है कि समस्या केवल सड़क की सतह तक सीमित है या एलिवेटेड रोड के ढांचे पर भी इसका असर पड़ा है।
पिछले महीने भी धंस गई थी सड़क
एलिवेटेड रोड पर गड्ढा होने की यह पहली घटना नहीं है। पिछले महीने भी सेक्टर-18 की ओर उतरते समय सड़क धंस गई थी और वहां गहरा गड्ढा हो गया था। बार-बार ऐसी समस्या सामने आने से एलिवेटेड रोड के निर्माण और रखरखाव पर सवाल उठ रहे हैं। करीब 450 करोड़ रुपये की लागत से बनी इस एलिवेटेड रोड को 2017 में आम लोगों के लिए खोला गया था। अब तकनीकी जांच की रिपोर्ट से पता चलेगा कि सड़क पर बार-बार गड्ढे होने के पीछे निर्माण संबंधी खामी, सड़क की परतों में खराबी या कोई अन्य कारण जिम्मेदार है।

