दिवाली के बाद लखनऊ से दिल्ली और मुंबई लौटने वाले यात्रियों की मुश्किलें बढ़ने लगी हैं। नियमित ट्रेनों में सीटें अभी से फुल होने लगी हैं और कई ट्रेनों में वेटिंग 100 के पार पहुंच गई है। लखनऊ मेल की स्लीपर क्लास में वेटिंग 112 तक पहुंच गई है। वहीं, एसी एक्सप्रेस और दूसरी प्रमुख ट्रेनों में भी कन्फर्म टिकट मिलना मुश्किल हो रहा है। ऐसे में यात्रियों को स्पेशल ट्रेनों, चेयरकार सेवाओं और तत्काल कोटे से राहत मिलने की उम्मीद है। दूसरी ओर, त्योहार के बाद हवाई सफर की मांग बढ़ने से विमान का किराया भी बढ़ने लगा है। दिल्ली रूट की ट्रेनों में सबसे ज्यादा मारामारी दिल्ली जाने वाली एसी एक्सप्रेस की थर्ड एसी में 9 से 11 नवंबर तक वेटिंग 13 से बढ़कर 72 तक पहुंच गई है। लखनऊ मेल की स्लीपर श्रेणी में इन तारीखों के लिए वेटिंग क्रमशः 30, 79 और 112 है। थर्ड एसी में भी वेटिंग 21 से बढ़कर 80 तक पहुंच गई है। अयोध्या एक्सप्रेस, गोमती एक्सप्रेस, कैफियत एक्सप्रेस और वैशाली एक्सप्रेस जैसी ट्रेनों में भी सीटों की उपलब्धता को लेकर यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। मुंबई जाने वाली पुष्पक एक्सप्रेस में भी वेटिंग लखनऊ से मुंबई जाने वाली पुष्पक एक्सप्रेस की स्लीपर श्रेणी में 9, 10 और 11 नवंबर को वेटिंग क्रमशः 20, 41 और 35 है। थर्ड एसी में इन तारीखों के लिए वेटिंग नौ, 21 और 33 तक पहुंच गई है। वहीं, गोरखपुर-एलटीटी एक्सप्रेस की स्लीपर श्रेणी में वेटिंग तीन, नौ और 16 है। इस ट्रेन की थर्ड एसी में भी चार, सात और 12 की वेटिंग चल रही है। चेयरकार और स्पेशल ट्रेनों में मिल सकती है राहत नियमित ट्रेनों में सीटों की कमी के बीच कुछ चेयरकार और स्पेशल ट्रेनों में अभी सीटें उपलब्ध हैं। दिल्ली रूट पर वंदे भारत एक्सप्रेस की चेयरकार में 9, 10 और 12 नवंबर को क्रमशः 1,092, 594 और 785 सीटें खाली हैं। तेजस एक्सप्रेस में 9, 11 और 12 नवंबर को 425, 251 और 352 सीटें उपलब्ध हैं। शताब्दी एक्सप्रेस में 9 नवंबर को 436 सीटें खाली हैं, जबकि आगे की तारीखों में वेटिंग है। मुंबई रूट पर गोरखपुर-मुंबई स्पेशल ट्रेन में भी सीटें उपलब्ध हैं। 9, 10 और 11 नवंबर को स्लीपर श्रेणी में क्रमशः 486, 315 और 215 सीटें खाली हैं। थर्ड एसी में भी इन तारीखों के लिए 131, 49 और नौ सीटें उपलब्ध हैं। इसके अलावा तत्काल कोटे की 6,800 से अधिक सीटों से भी यात्रियों को राहत मिलने की उम्मीद है।

