गोरखपुर के शाहपुर इलाके के रहने वाले पैरेंट्स ने स्कूल टीचर पर बच्चे का शारीरिक और मानसिक प्रताड़ना करने का आरोप लगाया है। आरोप लगाया कि उनके 3 साल के बेटे को थप्पड़ मारा गया, इसके बाद उसके सिर को नाखून से नोचा गया है। जिसके निशान अभी भी मौजूद हैं। उन्होंने स्कूल का सीसीटीवी फुटेज भी निकलवाया है। जिसमे टीचर बच्चे को मारती दिख रही है। आरोप है कि स्कूल प्रिंसिपल से सीसीटीवी फुटेज की मांग करने पर धमकी दी गई। एचएन सिंह चौराहा के पास गोविंद नगरी के रहने वाले अतुल सिंह ने शनिवार को शाहपुर थाने में टीचर के खिलाफ तहरीर दी है। जिसकी पुलिस जांच पड़ताल कर रही है। एक माह से टार्चर करने का आरोप अतुल सिंह ने बताया कि उनके दो बेटे हैं। बड़ा बेटा शहर के एक स्कूल में क्लास 3 में पढ़ता है। 3 साल के छोटे बेटे का बगल के ही एक स्कूल में जुलाई माह में एडमिशन कराया है। इसके बाद से ही वहां की टीचर उसे शारीरिक और मानिसक रूप से प्रताड़ित कर रही हैं। आरोप लगाया कि आरोपी टीचर सभी बच्चों को बेरहमी से पीटती है। इस वजह से मेरा बेटा स्कूल जाने के नाम पर रोने चिल्लाने लगता है। टीचर ने किया था वीडियो कॉल अतुल सिंह ने बताया कि चार दिन पहले स्कूल से वीडियो कॉल आया था। इसमे मेरे बच्चे के मुंह में रोटी ठूस दी गई थी। वह कांपते हुए रो रहा था। टीचर ने वीडियो कॉल करके बताया कि आपका बेटा खाना नहीं खा रहा है। इसके बाद स्कूल जाकर बच्चे को घर लाए। मेरा बेटा काफी डरा हुआ था। उसने बताया कि उसको टीचर ने पीटा है। उसके सिर में नाखून के निशान भी मिले। इसके बाद स्कूल जाकर सीसीटीवी फुटेज देखा तो एक जगह टीचर बच्चे को थप्पड़ मारकर उसके सिर को नोचती दिख रही हैं। इसके बाद पैरेंट्स ने प्रिंसिपल से मिलकर एक माह की सीसीटीवी फुटेज निकालने का निवेदन किया। आरोप है कि इसपर प्रिंसिपल नाराज हो गए। उन्होंने कहा कि जो करना है कर लो, यहां से कुछ भी नहीं मिलेगा। पिता का आरोप है कि शिक्षिका की इस हरकत से बच्चा स्कूल जाने से डरने लगा है और उसके मानसिक स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ा है। बच्चे के सिर पर नाखून से नोंचने के निशान भी मौजूद हैं। आरोप लगाया कि यह व्यवहार केवल उनके बच्चे के साथ नहीं, बल्कि स्कूल के अन्य बच्चों के साथ भी किया जाता है। पुलिस से मांग की है जल्द से जल्द स्कूल का सीसीटीवी फुटेज कलेक्ट किए जाएं। वरना आगे चलकर साक्ष्य को नष्ट किया जा सकता है। ये मेरे बेटे के लिए ही नहीं सभी बच्चों की सुरक्षा का सवाल है।

