कोलकाता दुर्गा पूजा पंडाल में कैसे मची भगदड़? मंत्री उमेश राय ने बताई वजह, बोले- मिसमैनेजमेंट ने ली 19 लोगों की जान

कोलकाता दुर्गा पूजा पंडाल में कैसे मची भगदड़? मंत्री उमेश राय ने बताई वजह, बोले- मिसमैनेजमेंट ने ली 19 लोगों की जान

Kolkata Durga Puja Stampede: पश्चिम बंगाल के कोलकाता में चोरबागन दुर्गा पूजा पंडाल में मची भगदड़ में 19 लोगों की मौत हो गई। मंत्री उमेश राय ने बताया कि इस घटना की जांच के लिए एक SIT का गठन किया गया है। उन्होंने बताया कि मृतकों के परिवारों को 25 लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी और हर परिवार के एक पात्र सदस्य को सरकारी नौकरी दी जाएगी। 

Kolkata Stampede: पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता के मशहूर चोरबागन दुर्गा पूजा पंडाल में हुए भगदड़ में 19 श्रद्धालुओं की मौत हो गई और 25 अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों का इलाज फिलहाल कलकत्ता मेडिकल कॉलेज और कई अन्य सरकारी अस्पतालों में चल रहा है। राज्य के कैबिनेट मंत्री उमेश राय ने कहा कि यह हादासा मिसमैनेजमेंट की वजह से हुआ। उन्होंने आगे बताया कि राज्य सरकार ने इस घटना की निष्पक्ष जांच के लिए एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया है।

क्यों मची भगदड़?

घटना के बारे में जानकारी देते हुए कैबिनेट मंत्री उमेश राय ने बताया कि पिछले कई दिनों से चोरबागन पंडाल में भारी भीड़ उमड़ रही थी। शुक्रवार को जब पंडाल पहले से ही खचाखच भरा हुआ था, तभी मूसलाधार बारिश शुरू हो गई। बारिश से बचने के लिए बाहर कतार में खड़े बड़ी संख्या में श्रद्धालु अचानक पंडाल के अंदर घुस आए। चूंकि अंदर मौजूद लोग बारिश में बाहर जाने को तैयार नहीं थे, इसलिए पंडाल के भीतर भारी दबाव बन गया।

मंत्री ने बताया कि पंडाल एक विशेष थीम पर आधारित था, जिसके कारण अंदर रोशनी बहुत कम थी। कम रोशनी के कारण बाहर से अंदर आने वाले लोग यह नहीं समझ पाए कि अंदर पहले से ही कितनी भीड़ है, जिससे वहां भीषण भगदड़ मच गई।

मिसमैनेजमेंट की वजह से हुआ हादसा – उमेश राय

उमेश राय ने कहा कि भीड़ को नियंत्रित करने में गंभीर चूक हुई है। उन्होंने कहा कि जब पंडाल अपनी पूरी क्षमता तक भर गया था, तो सुरक्षाकर्मियों और आयोजकों को तुरंत बाहर मौजूद भीड़ को अंदर आने से रोक देना चाहिए था। उन्होंने कहा कि दुर्गा पूजा दुनिया के सबसे बड़े त्योहारों में से एक है, इसलिए भारी भीड़ आना स्वाभाविक है, लेकिन इतने बड़े पैमाने पर लोगों की भीड़ को सही ढंग से संभालना आयोजकों और प्रशासन दोनों की संयुक्त जिम्मेदारी है।

मंत्री उमेश राय ने बताया कि हादसे के बाद मुख्यमंत्री खुद मौके पर मौजूद थे और रात 1:30 बजे तक अस्पतालों का दौरा करती रहें। उन्होंने पीड़ितों के परिवारों से मुलाकात की और उन्हें हर संभव मदद का भरोसा दिलाया।

मृतकों के परिजनों को 25 लाख और ग्रुप-D सरकारी नौकरी

उमेश राय ने बताया कि राज्य सरकार प्रत्येक मृतक के परिवार को 25 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देगी और ऐसे प्रत्येक परिवार के एक पात्र सदस्य को ग्रुप-डी सरकारी नौकरी दी जाएगी। इसके अलावा फिलहाल अस्पताल में भर्ती सभी 25 लोगों को 5-5 लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी और उनके इलाज का पूरा खर्च राज्य सरकार उठाएगी।

पंडालों में पूजा बंद नहीं होगी

मंत्री ने कहा कि पूरे राज्य में दुर्गा पूजा के आयोजनों पर कोई रोक नहीं होगी, उत्सव योजना के अनुसार ही जारी रहेंगे, लेकिन सुरक्षा नियमों का सख्ती से पालन कराया जाएगा। पुलिस और दमकल विभाग को निर्देश दिए गए हैं कि वे तुरंत यह सुनिश्चित करें कि अधिक भीड़भाड़ वाले सभी पंडालों में आपातकालीन निकास और प्रवेश द्वारों की उचित व्यवस्था हो। इसके अलावा, कम रोशनी वाले पंडालों में अतिरिक्त लाइटें लगाने के कड़े निर्देश दिए गए हैं, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि श्रद्धालुओं की जान जोखिम में न पड़े।

  

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