बांदा के नरैनी कोतवाली क्षेत्र के नंदवारा गांव में दो मासूम भाइयों की हत्या के मामले में एसआईटी ने जांच तेज कर दी है।टीम ने गांव और आसपास करीब चार घंटे तक सुरागरसी की और संदिग्धों से पूछताछ की। जांच में सामने आया कि एक आरोपी पूर्व मंत्री स्व. डॉ. सुरेंद्र पाल वर्मा के बेटे और पूर्व जिला पंचायत सदस्य महेंद्र पाल वर्मा उर्फ राजू का ड्राइवर है। पुलिस इस पहलू को रंजिश की वजह से जोड़कर जांच कर रही है। वहीं, घटना के दिन हिस्ट्रीशीटर ओमकार उर्फ शेरा के गांव में मौजूद होने की जानकारी मिली है। उसे पकड़ने के लिए पुलिस लखनऊ में दबिश दे रही है। नंदवारा गांव में 30 सितंबर को भइयाराम के छह वर्षीय बेटे मनोज और चार वर्षीय बेटे युवराज के शव पानी भरे गड्ढे में मिले थे। शेरा की गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे मामले में महेंद्र पाल वर्मा उर्फ राजू समेत नौ लोगों को नामजद किया गया है। पुलिस अब तक पांच आरोपितों को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। महेंद्र पाल वर्मा, ओमकार उर्फ शेरा, सुनीता और अर्चना की तलाश जारी है। पुलिस के मुताबिक, शेरा को पकड़ने के लिए उसके संपर्क में रहने वाले लोगों से भी बात की जा रही है। उसके बिचौलियों ने दो दिन के भीतर उसे पुलिस के सामने पेश कराने का आश्वासन दिया है। मामले के विवेचक गिरवां थाना प्रभारी सुरेश सैनी अब तक विवेचना के 21 पर्चे काट चुके हैं। जांच में सामने आए तथ्यों को भी विवेचना में शामिल किया गया है। एसपी पलाश बंसल ने बताया कि शेरा की गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं। उसके खिलाफ हत्या समेत कई मुकदमे पहले से दर्ज हैं। उसे जल्द गिरफ्तार कर जेल भेजा जाएगा। आरोपितों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर धरने पर बैठे पीड़ित परिवार का अनशन गुरुवार रात पुलिस ने समाप्त करा दिया था। हालांकि, परिवार ने चेतावनी दी है कि यदि दो दिन के भीतर आरोपितों की गिरफ्तारी नहीं हुई तो वे दोबारा अनशन शुरू करेंगे।

