जौनपुर में सिरकोनी क्षेत्र के कबुलपुर बाजार में शनिवार रात श्री दया नारायण लीला समिति के रंगमंच पर रामलीला के तहत फुलवारी चरित्र का भव्य मंचन किया गया। कलाकारों ने विभिन्न धार्मिक प्रसंगों का जीवंत चित्रण कर दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। लीला की शुरुआत राक्षसों के उपद्रव से परेशान महर्षि विश्वामित्र के राजा दशरथ के दरबार पहुंचने से हुई। उन्होंने यज्ञ की रक्षा के लिए भगवान राम और लक्ष्मण को साथ ले जाने का आग्रह किया। इसके बाद दोनों भाइयों ने यज्ञ की रक्षा करते हुए ताड़का, सुबाहु और मारीच सहित अन्य राक्षसों का वध किया। अहिल्या उद्धार के प्रसंग का भी सुंदर मंचन किया गया। इसके बाद जनकपुर में मीना बाजार की लीला प्रस्तुत की गई। राजा जनक को जब अयोध्या के राजकुमारों के आगमन का पता चला तो उन्होंने मंत्री को महर्षि वशिष्ठ के पास संदेश देकर भेजा और राजकुमारों सहित नगर में प्रवेश का आग्रह किया।

