अलवर सरिस्का टाइगर रिजर्व फॉरेस्ट के बफर जोन के जंगल में शनिवार को वन राज्य मंत्री संजय शर्मा और बाघिन का शावक आमने-सामने दिखे। करीब 15 मिनट तक बाघिन के शावक की साइटिंग हुई। मंत्री शर्मा सुबह करणी माता रूट से बाला किला व चक्रधारी हनुमान मंदिर गए थे। वापस लौटते समय नीचे अंधेरी में टाइग्रेस के शावक की साइटिंग होने का पता चला तो पहुंच गए। वहां बाघिन का शावक झाड़ियों में बैठा दिखा। मंत्री की जिप्सी ट्रैक पर खड़ी रही। इस दौरान शावक मंत्री की तरफ देखता रहा। पिछले कई दिनों से बाला किला के नीचे अंधेरी के आसपास के जंगल में टाइग्रेस एसटी 2302 व उसके दो शावक काफी बार दिख चुके हैं। मंत्री शर्मा सुबह साढ़े 9 बजे बाला किला गए थे। वहां चक्रधारी हनुमान मंदिर के दर्शन करने के बाद नीचे अंधेरी में गंगागिरी महाराज के दर्शन करने आए। उसके बाद अंधेरी से आगे ट्रैक पर गए तो शावक की साइटिंग हुई। वन मंत्री करीब साढ़े 11 बजे वहां से वापस निकले हैं। बफर जोन के जंगल में 11 बाघ-बाघिन सीसीएफ संग्राम सिंह ने बताया कि बफर जोन में अब कुल 11 टाइगर, टाइग्रेस व शावक हैं। जिनमें 6 शावक, 1 टाइगर व 4 टाइग्रेस हैं। पूरे सरिस्का के जंगल में बाघों की संख्या 56 हो चुकी है। सरिस्का बफर जोन का जंगल अलवर शहर से लगता हुआ है। यह बाला किला से लेकर डडीकर, उधर सिलीसेढ़ से श्योदानपुरा व बारा लिवारी तक का जंगल हैं।

