पानीपत में गुरुवार को हुई बारिश से मतलौडा मंडी में भरे पानी और खराब हुई किसानों की फसल का जिक्र विदेश दौरे पर गए सीएम तक पहुंच गया। इस पर सीएम नायब सिंह सैनी ने पानीपत डीसी को फोन मामले पर संज्ञान लेने और जिम्मेदारों पर कार्रवाई की बात कही। इसे लेकर शुक्रवार को डीसी डॉ. हरीश कुमार वशिष्ठ ने मतलौडा अनाज मंडी का औचक निरीक्षण किया और धान खरीद से लेकर फसल के उठान, किसानों को उपलब्ध कराई जा रही मूलभूत सुविधाओं तथा मंडी की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उपायुक्त ने अधिकारियों को दो टूक शब्दों में निर्देश दिए कि किसानों की फसल को भीगने से बचाना प्रशासन की जिम्मेदारी है। अगर मंडी में अव्यवस्था या लापरवाही के कारण किसान की धान की फसल भीगती है तो इसके लिए जिम्मेदार अधिकारियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी। नमी की जांच की उपायुक्त डॉ हरीश ने मंडी में धान की ढेरियों पर पहुंचकर मॉइश्चर मीटर के माध्यम से फसल में नमी की जांच की और संबंधित अधिकारियों को खरीद प्रक्रिया निर्धारित मानकों के अनुरूप सुचारू रूप से संचालित करने के निर्देश दिए। उपायुक्त ने स्पष्ट किया कि धान खरीद कार्य में किसी भी स्तर पर लापरवाही, अनावश्यक देरी अथवा किसानों को परेशान करने की शिकायत सामने नहीं आनी चाहिए। उपायुक्त ने मंडी परिसर में संचालित अटल किसान-मजदूर कैंटीन का भी निरीक्षण किया।
कैंटीन रजिस्टर की जांच की
उपायुक्त ने कैंटीन के रजिस्टर में दर्ज प्रविष्टियों का सत्यापन किया और अब तक भोजन करने वाले किसानों एवं मजदूरों की संख्या के संबंध में जानकारी ली। रजिस्टर में दर्ज विवरण की पुष्टि के लिए उन्होंने संबंधित रजिस्टर को अपने साथ ले लिया, ताकि दर्ज आंकड़ों का सत्यापन किया जा सके। उपायुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि मंडी में किसानों और मजदूरों के लिए संचालित सुविधाओं का लाभ वास्तविक लाभार्थियों तक पहुंचना चाहिए तथा इनके संचालन में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित की जानी चाहिए।

