शुक्रवार को सिटी एसपी अतुलेश झा जगदीशपुर थाना पहुंचे। उन्होंने थाने का वार्षिक निरीक्षण किया। इस दौरान फाइलों, मालखाने, फरियादियों की शिकायतें और रात की गश्ती की प्रभावशीलता जांची गई। सिटी एसपी ने थानाध्यक्ष रामचंद्र सिंह और पुलिस अफसरों को सख्त निर्देश दिए। अपराध नियंत्रण और पुराने मामलों को तेजी से निपटाने को कहा। जांचकर्ताओं को गुणवत्तापूर्ण जांच कर मामले जल्द निपटाने के निर्देश मिले। लक्ष्य है कि इस महीने के अंत तक लंबित कांडों की स्थिति तय मानक के अनुरूप हो। मालखाना, हाजत, महिला हेल्प डेस्क का भी लिया जायजा दस्तावेजों, मालखाना, हाजत, सिरिस्ता शाखा और महिला हेल्प डेस्क का जायजा लिया गया। साफ-सफाई, हथियारों व जरूरी कागजातों के रखरखाव की समीक्षा हुई। रजिस्टर अपडेट रखने के निर्देश दिए गए। निरीक्षण का मकसद कमियां ढूंढना नहीं, बल्कि पुराने निर्देशों के पालन और व्यवस्था सुधारने की समीक्षा करना था। 70 से कम लंबित कांड, अब महीने के अंत तक मानक पर लाने की तैयारी जगदीशपुर थाने में फिलहाल 70 से कम कांड लंबित हैं। हालांकि, पुलिस का जोर केवल लंबित मामलों की संख्या गिनने पर नहीं, बल्कि उन्हें निर्धारित मानक के अनुरूप रखने और गुणवत्तापूर्ण तरीके से निष्पादित करने पर है। सिटी एसपी अतुलेश झा ने बताया कि लंबित कांडों की स्थिति की लगातार समीक्षा की जा रही है। प्रयास है कि लंबित मामलों की संख्या निर्धारित मानक के अनुसार तीन गुना से कम रखी जाए और इसी महीने के अंत तक स्थिति को मानक के अनुरूप लाया जाए। इसके लिए सभी अनुसंधानकर्ताओं को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने-अपने मामलों की नियमित समीक्षा करें। अनुसंधान में अनावश्यक देरी न हो और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर गुणवत्तापूर्ण तरीके से कांडों का निष्पादन किया जाए। पुलिस के सामने चुनौती साफ है। मामलों के निष्पादन में तेजी भी आए और अनुसंधान की गुणवत्ता भी बनी रहे। जल्दबाजी में कागजी कार्रवाई पूरी करने के बजाय साक्ष्यों के आधार पर मजबूत अनुसंधान करने पर जोर दिया गया है। अपराधियों पर नजर, रात की गश्ती में तेजी लाने का निर्देश क्षेत्र में अपराध नियंत्रण को लेकर भी सिटी एसपी ने थानाध्यक्ष रामचंद्र सिंह को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। रात्रि गश्ती को प्रभावी बनाने, अपराधियों की गतिविधियों पर नजर रखने और नियमित वाहन जांच अभियान चलाने को कहा गया। रात के समय संवेदनशील इलाकों में पुलिस की सक्रियता बनाए रखने पर विशेष जोर दिया गया, ताकि संदिग्ध गतिविधियों पर समय रहते कार्रवाई की जा सके। वाहन जांच के दौरान नियमों का पालन कराने और असामाजिक तत्वों की गतिविधियों पर नजर रखने का भी निर्देश दिया गया। पुलिस की सक्रियता का आकलन केवल थाने में मौजूद जवानों से नहीं, बल्कि क्षेत्र में उनकी मौजूदगी और त्वरित कार्रवाई से भी होता है। ऐसे में गश्ती व्यवस्था को प्रभावी बनाना निरीक्षण के प्रमुख बिंदुओं में शामिल रहा। दुर्गा पूजा में पंडालों की सुरक्षा पर विशेष नजर दुर्गा पूजा को देखते हुए सिटी एसपी ने सभी पूजा पंडालों में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने का निर्देश दिया। उन्होंने थानाध्यक्ष को असामाजिक तत्वों पर विशेष नजर रखने और किसी भी तरह की अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए सतर्क रहने को कहा। पूजा के दौरान श्रद्धालुओं की भीड़, आवाजाही और विभिन्न आयोजनों को देखते हुए पुलिस की जिम्मेदारी बढ़ जाती है। ऐसे में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पहले से तैयारी करने, क्षेत्र में निगरानी रखने और जरूरत के अनुसार पुलिस की सक्रियता बढ़ाने पर जोर दिया गया। सिटी एसपी ने अवैध शराब और नशीले पदार्थों के कारोबार पर रोक लगाने के लिए लगातार छापेमारी करने का भी निर्देश दिया। ‘स्वस्थ युवा, स्वस्थ भागलपुर’ अभियान के तहत नशे के अवैध कारोबार से जुड़े लोगों की गतिविधियों पर नजर रखने और सूचना मिलने पर कार्रवाई करने पर जोर दिया गया। नशे का कारोबार युवाओं के भविष्य और समाज की सुरक्षा से जुड़ा गंभीर मुद्दा है। ऐसे में पुलिस को केवल शिकायत मिलने का इंतजार करने के बजाय संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने और कानून के अनुसार कार्रवाई करने को कहा गया। थानाध्यक्ष को निर्देश दिया गया कि क्षेत्र में अवैध शराब और नशीले पदार्थों की बिक्री पर अंकुश लगाने के लिए नियमित अभियान चलाया जाए। फरियादियों की शिकायतें सुनने में नहीं होनी चाहिए लापरवाही निरीक्षण के दौरान आम लोगों के साथ पुलिस के व्यवहार की भी समीक्षा की गई। सिटी एसपी ने निर्देश दिया कि थाने में शिकायत लेकर पहुंचने वाले फरियादियों की बात विनम्रता और गंभीरता से सुनी जाए तथा उनकी शिकायतों पर नियमानुसार त्वरित कार्रवाई की जाए। पुलिस और जनता के बीच बेहतर तालमेल स्थापित करने के लिए थाने की छवि सुधारना भी जरूरी है। लोगों को अपनी शिकायत दर्ज कराने में परेशानी न हो और उन्हें उचित कार्रवाई की उम्मीद मिले, इस दिशा में भी अधिकारियों को काम करने का निर्देश दिया गया। सिटी एसपी ने बताया कि वार्षिक निरीक्षण के दौरान थाने की कार्यशैली को लेकर लोगों से मिलने वाले फीडबैक और वरीय अधिकारियों की ओर से दिए गए निर्देशों के क्रियान्वयन की भी समीक्षा की जा रही है। क्षेत्र में गश्ती बढ़ाने से लेकर आम लोगों के बीच पुलिस की छवि बेहतर बनाने तक के बिंदुओं पर ध्यान दिया जा रहा है। सिटी एसपी का साफ संदेश है व्यवस्था भी सुधरे, कार्रवाई भी दिखे निरीक्षण के बाद सिटी एसपी अतुलेश झा ने बताया कि पुलिस थानों का वार्षिक निरीक्षण नियमित प्रक्रिया का हिस्सा है। इसका उद्देश्य थानों के कामकाज की समीक्षा करना, कमियों को पहचानना और व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए आवश्यक निर्देश देना है। उन्होंने कहा कि गुणवत्तापूर्ण अनुसंधान और मामलों के त्वरित निष्पादन पर विशेष जोर दिया जा रहा है। सभी पुलिस पदाधिकारियों को इस दिशा में निर्देशित किया गया है। लंबित कांडों की स्थिति को निर्धारित मानक के अनुरूप लाने के लिए भी प्रयास किए जा रहे हैं। निरीक्षण के दौरान थानाध्यक्ष रामचंद्र सिंह सहित थाने के सभी सहायक अवर निरीक्षक, अवर निरीक्षक और पुलिस जवान मौजूद थे । शुक्रवार को सिटी एसपी अतुलेश झा जगदीशपुर थाना पहुंचे। उन्होंने थाने का वार्षिक निरीक्षण किया। इस दौरान फाइलों, मालखाने, फरियादियों की शिकायतें और रात की गश्ती की प्रभावशीलता जांची गई। सिटी एसपी ने थानाध्यक्ष रामचंद्र सिंह और पुलिस अफसरों को सख्त निर्देश दिए। अपराध नियंत्रण और पुराने मामलों को तेजी से निपटाने को कहा। जांचकर्ताओं को गुणवत्तापूर्ण जांच कर मामले जल्द निपटाने के निर्देश मिले। लक्ष्य है कि इस महीने के अंत तक लंबित कांडों की स्थिति तय मानक के अनुरूप हो। मालखाना, हाजत, महिला हेल्प डेस्क का भी लिया जायजा दस्तावेजों, मालखाना, हाजत, सिरिस्ता शाखा और महिला हेल्प डेस्क का जायजा लिया गया। साफ-सफाई, हथियारों व जरूरी कागजातों के रखरखाव की समीक्षा हुई। रजिस्टर अपडेट रखने के निर्देश दिए गए। निरीक्षण का मकसद कमियां ढूंढना नहीं, बल्कि पुराने निर्देशों के पालन और व्यवस्था सुधारने की समीक्षा करना था। 70 से कम लंबित कांड, अब महीने के अंत तक मानक पर लाने की तैयारी जगदीशपुर थाने में फिलहाल 70 से कम कांड लंबित हैं। हालांकि, पुलिस का जोर केवल लंबित मामलों की संख्या गिनने पर नहीं, बल्कि उन्हें निर्धारित मानक के अनुरूप रखने और गुणवत्तापूर्ण तरीके से निष्पादित करने पर है। सिटी एसपी अतुलेश झा ने बताया कि लंबित कांडों की स्थिति की लगातार समीक्षा की जा रही है। प्रयास है कि लंबित मामलों की संख्या निर्धारित मानक के अनुसार तीन गुना से कम रखी जाए और इसी महीने के अंत तक स्थिति को मानक के अनुरूप लाया जाए। इसके लिए सभी अनुसंधानकर्ताओं को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने-अपने मामलों की नियमित समीक्षा करें। अनुसंधान में अनावश्यक देरी न हो और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर गुणवत्तापूर्ण तरीके से कांडों का निष्पादन किया जाए। पुलिस के सामने चुनौती साफ है। मामलों के निष्पादन में तेजी भी आए और अनुसंधान की गुणवत्ता भी बनी रहे। जल्दबाजी में कागजी कार्रवाई पूरी करने के बजाय साक्ष्यों के आधार पर मजबूत अनुसंधान करने पर जोर दिया गया है। अपराधियों पर नजर, रात की गश्ती में तेजी लाने का निर्देश क्षेत्र में अपराध नियंत्रण को लेकर भी सिटी एसपी ने थानाध्यक्ष रामचंद्र सिंह को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। रात्रि गश्ती को प्रभावी बनाने, अपराधियों की गतिविधियों पर नजर रखने और नियमित वाहन जांच अभियान चलाने को कहा गया। रात के समय संवेदनशील इलाकों में पुलिस की सक्रियता बनाए रखने पर विशेष जोर दिया गया, ताकि संदिग्ध गतिविधियों पर समय रहते कार्रवाई की जा सके। वाहन जांच के दौरान नियमों का पालन कराने और असामाजिक तत्वों की गतिविधियों पर नजर रखने का भी निर्देश दिया गया। पुलिस की सक्रियता का आकलन केवल थाने में मौजूद जवानों से नहीं, बल्कि क्षेत्र में उनकी मौजूदगी और त्वरित कार्रवाई से भी होता है। ऐसे में गश्ती व्यवस्था को प्रभावी बनाना निरीक्षण के प्रमुख बिंदुओं में शामिल रहा। दुर्गा पूजा में पंडालों की सुरक्षा पर विशेष नजर दुर्गा पूजा को देखते हुए सिटी एसपी ने सभी पूजा पंडालों में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने का निर्देश दिया। उन्होंने थानाध्यक्ष को असामाजिक तत्वों पर विशेष नजर रखने और किसी भी तरह की अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए सतर्क रहने को कहा। पूजा के दौरान श्रद्धालुओं की भीड़, आवाजाही और विभिन्न आयोजनों को देखते हुए पुलिस की जिम्मेदारी बढ़ जाती है। ऐसे में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पहले से तैयारी करने, क्षेत्र में निगरानी रखने और जरूरत के अनुसार पुलिस की सक्रियता बढ़ाने पर जोर दिया गया। सिटी एसपी ने अवैध शराब और नशीले पदार्थों के कारोबार पर रोक लगाने के लिए लगातार छापेमारी करने का भी निर्देश दिया। ‘स्वस्थ युवा, स्वस्थ भागलपुर’ अभियान के तहत नशे के अवैध कारोबार से जुड़े लोगों की गतिविधियों पर नजर रखने और सूचना मिलने पर कार्रवाई करने पर जोर दिया गया। नशे का कारोबार युवाओं के भविष्य और समाज की सुरक्षा से जुड़ा गंभीर मुद्दा है। ऐसे में पुलिस को केवल शिकायत मिलने का इंतजार करने के बजाय संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने और कानून के अनुसार कार्रवाई करने को कहा गया। थानाध्यक्ष को निर्देश दिया गया कि क्षेत्र में अवैध शराब और नशीले पदार्थों की बिक्री पर अंकुश लगाने के लिए नियमित अभियान चलाया जाए। फरियादियों की शिकायतें सुनने में नहीं होनी चाहिए लापरवाही निरीक्षण के दौरान आम लोगों के साथ पुलिस के व्यवहार की भी समीक्षा की गई। सिटी एसपी ने निर्देश दिया कि थाने में शिकायत लेकर पहुंचने वाले फरियादियों की बात विनम्रता और गंभीरता से सुनी जाए तथा उनकी शिकायतों पर नियमानुसार त्वरित कार्रवाई की जाए। पुलिस और जनता के बीच बेहतर तालमेल स्थापित करने के लिए थाने की छवि सुधारना भी जरूरी है। लोगों को अपनी शिकायत दर्ज कराने में परेशानी न हो और उन्हें उचित कार्रवाई की उम्मीद मिले, इस दिशा में भी अधिकारियों को काम करने का निर्देश दिया गया। सिटी एसपी ने बताया कि वार्षिक निरीक्षण के दौरान थाने की कार्यशैली को लेकर लोगों से मिलने वाले फीडबैक और वरीय अधिकारियों की ओर से दिए गए निर्देशों के क्रियान्वयन की भी समीक्षा की जा रही है। क्षेत्र में गश्ती बढ़ाने से लेकर आम लोगों के बीच पुलिस की छवि बेहतर बनाने तक के बिंदुओं पर ध्यान दिया जा रहा है। सिटी एसपी का साफ संदेश है व्यवस्था भी सुधरे, कार्रवाई भी दिखे निरीक्षण के बाद सिटी एसपी अतुलेश झा ने बताया कि पुलिस थानों का वार्षिक निरीक्षण नियमित प्रक्रिया का हिस्सा है। इसका उद्देश्य थानों के कामकाज की समीक्षा करना, कमियों को पहचानना और व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए आवश्यक निर्देश देना है। उन्होंने कहा कि गुणवत्तापूर्ण अनुसंधान और मामलों के त्वरित निष्पादन पर विशेष जोर दिया जा रहा है। सभी पुलिस पदाधिकारियों को इस दिशा में निर्देशित किया गया है। लंबित कांडों की स्थिति को निर्धारित मानक के अनुरूप लाने के लिए भी प्रयास किए जा रहे हैं। निरीक्षण के दौरान थानाध्यक्ष रामचंद्र सिंह सहित थाने के सभी सहायक अवर निरीक्षक, अवर निरीक्षक और पुलिस जवान मौजूद थे ।

