उज्जैन के उन्हेल क्षेत्र स्थित महाकाल नर्सिंग कॉलेज की बीएससी नर्सिंग की छात्रा पूनम परमार ने कॉलेज प्रबंधन पर गलत सत्र में प्रवेश देने, छात्रवृत्ति अटकने और फीस जमा नहीं करने पर परीक्षा में बैठने से रोकने का आरोप लगाया है। छात्रा का कहना है कि वह करीब दो साल से अपनी समस्या के निराकरण के लिए कॉलेज, कलेक्ट्रेट और सीएम हेल्पलाइन के चक्कर लगा रही है, लेकिन सुनवाई नहीं हो रही। शुक्रवार को उसने कलेक्टर के नाम आवेदन देकर मामले की जांच और कार्रवाई की मांग की। छात्रवृत्ति के आधार पर प्रवेश देने का किया था वादा आवेदन के अनुसार, पूनम ने बीए सत्र 2021-22 में पढ़ाई की थी। इसके बाद 2022 में बीए छोड़कर बीएससी नर्सिंग में प्रवेश लिया। छात्रा का आरोप है कि कॉलेज प्रबंधन ने छात्रवृत्ति के आधार पर प्रवेश देने का आश्वासन दिया था, लेकिन उसकी जानकारी के बिना प्रवेश सत्र 2020-21 में दर्ज कर दिया गया। यह उसका गैप ईयर था। छात्रा का दावा है कि कॉलेज में सीटें खाली होने के कारण ऐसा किया गया, जिसके चलते उसकी छात्रवृत्ति अटक गई। पूनम का आरोप है कि छात्रवृत्ति नहीं मिलने के कारण वह कॉलेज की फीस जमा नहीं कर पा रही है। इसी वजह से उसे परीक्षा में बैठने से रोका जा रहा है। उसने प्रबंधन पर अभद्रता करने और धमकी देने का भी आरोप लगाया है। छात्रा के मुताबिक, उसके पास बातचीत की ऑडियो रिकॉर्डिंग भी है। उसने बताया कि 30 दिसंबर 2025 को भी जनसुनवाई में शिकायत की थी, लेकिन निराकरण नहीं हुआ। प्राचार्य बोले- दूसरे कॉलेज में ली थी छात्रवृत्ति कॉलेज के प्राचार्य अशोक गुप्ता ने आरोपों पर कहा कि छात्रा ने पहले किसी दूसरे कॉलेज में उसी सत्र की छात्रवृत्ति ली थी। प्रवेश बदलने के बाद उसे छात्रवृत्ति की राशि वापस करनी थी, लेकिन उसने काफी देर से राशि लौटाई। इसी कारण अब छात्रवृत्ति नहीं मिल पा रही है। परीक्षा में बैठने से रोकने और अभद्रता के आरोपों पर उन्होंने कहा कि आरोप लगाना सबका अधिकार है।

