मालनपुर इंडस्ट्रियल एरिया में 20 बीघा जमीन का खेल:120 करोड़ की जमीन पर इंडस्ट्री खत्म कर बसाई जा रही कॉलोनी

मालनपुर इंडस्ट्रियल एरिया में 20 बीघा जमीन का खेल:120 करोड़ की जमीन पर इंडस्ट्री खत्म कर बसाई जा रही कॉलोनी

ग्वालियर-चंबल संभाग में औद्योगिक निवेश बढ़ने की जगह पुरानी फैक्ट्री आवासीय क्षेत्र में तब्दील होती जा रही हैं। ताजा मामला अंचल के सबसे बड़े औद्योगिक क्षेत्र मालनपुर की एवीएन ट्यूब फैक्ट्री का है। करीब 42 साल पुरानी इस फैक्ट्री की 20 बीघा जमीन पर अब आवासीय-व्यवसायिक टाउनशिप बसाई जा रही है। ये जमीन 120 करोड़ रुपए से अधिक मूल्य की है। मालनपुर के सर्वे नंबर 258 की जमीन पर बस रही इस टाउनशिप को श्री राधे एनक्लेव के नाम से बसाया जा रहा है। जिसके लिए श्री राधे डेवलपर्स ने अधिकारियों से सांठगांठ कर भिंड जिला प्रशासन व टाउन एंड कंट्री प्लानिंग (टीएंडसीपी) से अनुमति भी करा ली है। मनीष गोयल, पंकज गोयल, राजीव गुप्ता, उमेश उपाध्याय, आदित्य सिकरवार, दीपेंद्र यादव और विश्व प्रताप ने 40 हजार वर्गमीटर जमीन के लिए नियम विरुद्ध तरीके से ये अनुमति ली है। जिसकी जानकारी अफसरों तक पहुंचने के बाद अब जांच कराकर कार्यवाही की बात कही जा रही है। इस संबंध में गोहद एसडीएम विकास कुमार का कहना है कि मालनपुर में एवीएन फैक्ट्री की जमीन पर प्लॉटिंग की जानकारी सामने आई है। तत्कालीन कलेक्टर के पत्र व शिकायतों का रिकॉर्ड देखा जा रहा है। उसे देखने के बाद आगे की कार्यवाही करेंगे। 1984 में स्थापित, 10 साल में बीमार घोषित, अब प्लॉटिंग में करोड़ों का खेल एक्सपर्ट – अनूप चौबे, रिटायर्ड महाप्रबंधक/MPIDC विभागों को लेने होंगे नो ड्यूज सर्टिफिकेट
इंडस्ट्रीज सेक्टर में किसी की निजी जमीन है तो फैक्ट्री बंद होने की समय सीमा, शासन और बैंकों के ड्यूज क्लियर होना व लैंड यूज बदलने जैसे नियम लागू होते हैं। टाउनशिप के लिए अनुमति देने वाले विभागों को इन सभी ड्यूज से संबंधित नो ड्यूज सर्टिफिकेट और सक्षम एनओसी लेने के नियम का पालन करना चाहिए। सीधी बात – केके कुशवाह, तत्कालीन सहा. संचालक/ टीएंडसीपी भिंड लैंड यूज नहीं बदला, मिक्स यूज में अनुमति Q. एवीएन ट्यूब फैक्ट्री की जमीन पर कॉलोनी के लिए आपने भिंड कार्यकाल के दौरान अनुमति दी थी?
A. हां, श्री राधे डेवलपर्स के आवेदन पर मास्टर प्लान के अनुसार कॉलोनी की अनुमति दी गई है। Q. फैक्ट्री की जमीन पर कॉलोनी की अनुमति कैसे?
A. विभाग से अनुमति में जमीन का लैंड यूज नहीं बदला गया है। जो मिक्स यूज दर्शाई गई है उसमें आवासीय और बाकी में उद्योग के तौर पर अनुमति दी गई है। Q. क्या डेवलपर्स ने लैंड यूज चेंज कराया है?
A. इस जमीन का लैंड यूज नहीं बदला जा सकता। गलत उपयोग होने पर विभाग द्वारा कार्यवाही होनी चाहिए। सब कुछ सुनील तोमर देख रहे हैं जमीन किससे खरीदी, इस सवाल पर कॉलोनाइजर मनीष गोयल ने पहले सुनील तोमर से जानकारी लेने को कहा। दोबारा पूछने पर बताया कि जमीन राकेश सोनी से ली गई है।

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